Mumbai News: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से एक ऐसी दहशतनाक घटना सामने आई है, जिसने सभी को हिलाकर रख दिया है। अंधेरी इलाके में दो नाबालिग किशोरों ने अपने ही दोस्त की मामूली विवाद के चलते बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने उसी कमरे में और शव के बगल में पूरी रात सोकर गुजारी। यह घटना मानवीय संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है और नाबालिगों द्वारा बढ़ते अपराध के मानसिकता को दर्शाती है।
क्या है पूरा मामला?
घटना डीएन नगर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत अंधेरी ईस्ट स्थित गणेश नगर में हुई है। पुलिस ने इस मामले में 15 और 17 वर्ष के दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है। तीनों—मृतक और दोनों आरोपी—मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और किराए के एक कमरे में साथ रहते थे। अपनी जीविका के लिए ये तीनों पास ही एक रेस्टोरेंट में काम करते थे।
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हत्या का कारण: नफरत की जड़ें
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी रंजिश और बदले की भावना सामने आई है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि मृतक अक्सर रेस्टोरेंट मालिक से उनकी शिकायत कर दिया करता था। मालिक की फटकार और अपमान से नाराज होकर आरोपियों के मन में उसके प्रति गहरा आक्रोश था। इसके अलावा, विवाद तब और गहरा गया जब मृतक पर एक आरोपी की बहन के खिलाफ अपशब्द कहने का आरोप लगा। इन सब बातों ने मिलकर दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया।
कैसे हुई हत्या और क्यों रची गई साजिश?
घटना के दिन कमरे में तीखी बहस हुई, जो जल्द ही खूनी झड़प में बदल गई। आरोपियों ने मिलकर पीड़ित पर हमला किया। एक आरोपी ने उसके पैर पकड़े, जबकि दूसरे ने कपड़े से उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद दोनों आरोपी आम आदमी की तरह बर्ताव करते हुए दिखे। उन्होंने सबूत मिटाने की कोशिश की, हाथ-मुंह धोए और फिर शव के ठीक बगल में लेटकर निंद्रा का आनंद लिया। सुबह होने पर उन्होंने दावा किया कि उनका दोस्त अचानक बेहोश हो गया था, ताकि हत्या को हादसा बताकर बच निकला जा सके।
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पुलिस की कार्रवाई और सच का खुलासा
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कूपर अस्पताल भेज दिया। आरोपियों की बनावटी कहानी तब धरी रह गई जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने (स्ट्रैंगुलेशन) के स्पष्ट संकेत मिले। पुलिस ने दोनों नाबालिगों की कड़ाई से पूछताछ की, जिसके दबाव में वे टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
वर्तमान में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर डोंगरी स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आगे की जांच में जुटी है। यह मामला युवा पीढ़ी के बीच बढ़ती असहिष्णुता और हिंसक प्रवृत्ति का गंभीर चित्रण करता है।






















