गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप ने भारतीय विनिर्माण और MSME सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल ‘उड़ान’ की शुरुआत की है। यह उद्योग-आधारित आपूर्तिकर्ता क्षमता विकास कार्यक्रम, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे और मझौले उद्योगों (MSME) की क्षमताओं का विस्तार कर भारत के विनिर्माण तंत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और मजबूत बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत अलीगढ़ को पहला केंद्र बनाया गया है, और जल्द ही इसे भारत के 10 प्रमुख शहरों में विस्तारित किया जाएगा।
‘उड़ान’ योजना का उद्देश्य और महत्व
गोदरेज के इस ‘उड़ान’ कार्यक्रम का उद्देश्य MSME आपूर्तिकर्ताओं की उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता, और वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमताओं को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से छोटे और मझौले उद्योगों को टोटल प्रोडक्टिव मेंटेनेंस (TPM) जैसी विश्वसनीय प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाएगा। TPM का उद्देश्य संचालन में दक्षता लाना, संसाधनों का बेहतर उपयोग, और निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करना है।

TPM प्रशिक्षण और विशेषज्ञता
सीआईआई टीपीएम क्लब ऑफ इंडिया के सहयोग से विकसित इस कार्यक्रम में, MSME पार्टनर्स को विशेषज्ञ TPM सलाहकारों की टीम से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ये सलाहकार जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में मदद करेंगे, जिससे प्रक्रियाओं में सुधार, नुकसान में कमी, और उत्पादकता में वृद्धि संभव हो सके। क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण से यह कार्यक्रम आपूर्ति श्रृंखला के विभिन्न हिस्सों में स्थिरता और दक्षता लाने पर केंद्रित है।
निगरानी और पुरस्कार
इस पहल की प्रगति का मूल्यांकन नियमित त्रैमासिक समीक्षा, फैक्ट्री ऑडिट और आकलनों के जरिए किया जाएगा। सफल प्रतिभागियों को गोदरेज और सीआईआई से सम्मानित किया जाएगा, जो उनके प्रयासों को मान्यता देगा। इससे MSMEs में प्रतिस्पर्धात्मकता और निरंतर सुधार का संकल्प मजबूत होगा।
भारत में विनिर्माण और MSME सेक्टर को समर्थन
‘उड़ान’ कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के विनिर्माण क्षेत्र में MSME की भूमिका को बढ़ावा देना है। छोटे और मझौले उद्योगों में उत्पादकता, गुणवत्ता, और परिचालन क्षमता के सुधार से भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाने का सपना साकार किया जा सकता है। गोदरेज का यह कदम भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिससे छोटे उद्योग भी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप अपने कार्यों को बेहतर बना सकते हैं।
गोदरेज का मिशन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के बिजनेस हेड पुष्कर गोखले ने कहा कि, “भारत का ‘विकसित भारत’ बनने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब हम अपने विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाएं। हमारा मानना है कि कारोबार केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तंत्र का विकास भी जरूरी है। ‘उड़ान’ इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हमारे आपूर्तिकर्ताओं को विश्वस्तरीय विनिर्माण प्रक्रियाओं से लैस करेगा।”
MSME की भूमिका और भारत की विनिर्माण क्षमता
सीआईआई इंस्टीट्यूट ऑफ क्वालिटी के प्रमुख मेजर नील कैस्टेलिनो ने कहा कि, “MSME भारत के विनिर्माण तंत्र का मुख्य आधार हैं। इनकी क्षमताओं को मजबूत करना देश को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का सबसे मजबूत कदम है। गोदरेज की ‘उड़ान’ पहल उद्योग के नेतृत्व में सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है, जो दीर्घकालिक विकास और क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करती है।”
समृद्ध उत्पादन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
‘उड़ान’ पहल के माध्यम से गोदरेज ने अपने आपूर्तिकर्ताओं को विश्वस्तरीय विनिर्माण प्रक्रियाओं से लैस किया है। यह प्रयास भारत की विनिर्माण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार लाने, और निरंतर उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए है। इससे भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
रणनीतिक और दीर्घकालिक निवेश
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप ने अपने मूल्य श्रृंखला में क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है। इससे न केवल आपूर्ति श्रृंखला का लचीलापन बढ़ेगा, बल्कि यह भारत के विनिर्माण सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। ‘उड़ान’ कार्यक्रम उन उद्यमों के लिए एक नई शुरुआत है, जिन्होंने पिछले वर्षों में गोदरेज के साथ सहयोग और प्रमाणन प्राप्त किया है, जैसे कि जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट और लीन मैन्युफैक्चरिंग प्रमाणपत्र।

























