संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर से सांसद डॉ. महेश शर्मा ने लोकसभा सदस्य के रूप में संस्कृत भाषा में शपथ ली। संसद के आधिकारिक दस्तावेज में उनके नाम के साथ उनकी शपथ की भाषा संस्कृत दर्ज है।
संस्कृत को भारतीय परंपरा और ज्ञान-विरासत की प्रमुख भाषाओं में माना जाता है। ऐसे में संसद के पटल पर संस्कृत में शपथ लेना खास तौर पर चर्चा का विषय बना।
डॉ. महेश शर्मा गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इस सीट से जीत दर्ज की थी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर जीत का अंतर 5,59,472 वोट रहा।
चुनाव आयोग के 2024 के आंकड़ों में गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर कुल 14,40,060 वोट पड़ने की जानकारी भी दर्ज है।
डॉ. महेश शर्मा द्वारा संस्कृत में शपथ लिए जाने के बाद उनका यह कदम चर्चा में है। संस्कृत भारत की प्राचीन भाषाओं में शामिल है और भारतीय साहित्य, दर्शन तथा ज्ञान परंपरा में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
संसद में संस्कृत में शपथ लेने का यह अवसर भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाला रहा। डॉ. महेश शर्मा की शपथ का आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड भी इसकी पुष्टि करता है।
2024 के लोकसभा चुनाव में गौतमबुद्ध नगर से डॉ. महेश शर्मा ने 5,59,472 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। चुनाव आयोग के अनुसार यह देश में बड़े जीत के अंतर वाले परिणामों में शामिल था।
इस तरह डॉ. महेश शर्मा का लोकसभा में संस्कृत में शपथ लेना और गौतमबुद्ध नगर से बड़ी जीत के साथ तीसरी बार सांसद चुना जाना दोनों ही वजहों से चर्चा में रहा।


























