महाराष्ट्र MLC चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने औपचारिक घोषणा कर दी है। राज्य विधान परिषद की पांच सीटों के लिए द्विवार्षिक (बाईएनियल) चुनाव कराया जाएगा, जिसका पूरा शेड्यूल आयोग की ओर से जारी कर दिया गया है।
अधिसूचना के मुताबिक, 23 अक्टूबर को मतदान होगा और इसके चार दिन बाद यानी 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी। इसी दौर में बिहार, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में भी विधान परिषद की सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिससे एक साथ MLC इलेक्शन का बड़ा दौर चलेगा।
किन सीटों पर होगा महाराष्ट्र MLC चुनाव?
इस बार के चुनाव की सबसे खास बात यह है कि ये सीटें ग्रेजुएट और टीचर (शिक्षक) निर्वाचन क्षेत्रों से आती हैं. निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए इन्हीं निर्वाचन क्षेत्रों से द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की है।
संरचना को समझें तो — महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य होते हैं। इनमें 30 सदस्य विधानसभा सदस्यों के मतदान से चुने जाते हैं, 22 स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा चुने जाते हैं, 7 सदस्य ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्रों से और 7 सदस्य शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से आते हैं। इसके अलावा 12 सदस्यों को राज्यपाल मनोनीत करते हैं। इन सीटों का कार्यकाल छह साल का होता है और हर दो साल में उसी श्रेणी की कुछ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव कराया जाता है। इसी कड़ी में इस बार पांच सीटों पर मतदान होगा।
जाने कौन डाल सकता है वोट?
विधानसभा चुनावों की तरह यहां हर नागरिक वोट नहीं डाल सकता. मतदाता सूची इन दो श्रेणियों के लिए अलग से तैयार होती है। जिन मतदाताओं ने स्नातक किया हो और उनका नाम विशेष ग्रेजुएट मतदाता सूची में दर्ज हो, वे ही वोट देने के हकदार होते हैं। इसमें स्कूलों और कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक वर्ग के पंजीकृत मतदाता वोट डाल सकते हैं।
मतदाता संख्या सीमित होने की वजह से ये चुनाव अक्सर बहुकोणीय (मल्टी-कॉर्नर्ड) मुकाबले होते हैं, जिनमें पार्टी समर्थन वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ निर्दलों की भी अहम भूमिका रहती है।
मतदान और मतगणना की प्रक्रिया कैसी होगी?
इन निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) पद्धति से होते हैं. यानी मतदाता बैलट पेपर पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वरीयता के क्रम में चिह्नित करते हैं। ईवीएम की जगह बैलट पेपर का इस्तेमाल होने से वरीयता-आधारित मतगणना के कई दौर चलते हैं। इसीलिए मतदान के बाद मतगणना में कुछ दिनों का अंतर रखा जाता है — तभी 23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और नतीजों की घोषणा भी उसी दिन की जाएगी।

























