दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला मैदान में आयोजित प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में भगवान श्रीराम के वनगमन और निषाद राज से उनकी भेंट के प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। रामकथा के इन महत्वपूर्ण दृश्यों का मंचन श्रद्धा, संवेदना और भव्यता के साथ किया गया। केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने निषाद राज की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों की सराहना मिली। वहीं, रामलीला परिसर में निकाली गई भव्य श्रीराम बारात ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार, इस वर्ष भी रामलीला के प्रति श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंच पर प्रस्तुत धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ आकर्षक शोभायात्रा और कलाकारों की प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।
भव्य श्रीराम बारात ने भक्तिमय किया माहौल
लालकिला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला के दौरान श्रीराम बारात की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में बैंड-बाजे, ढोल, नगाड़े, शहनाई, नफीरी, शंख, घड़ियाल और डमरू की गूंज ने वातावरण को राममय बना दिया। भक्ति संगीत की धुनों पर नृत्य करते रामभक्त शोभायात्रा के साथ आगे बढ़ते रहे।
शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि और श्रद्धालुओं की भागीदारी ने धार्मिक उत्सव की रौनक बढ़ाई। रामभक्तों ने पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में हिस्सा लिया। रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने राजधानी में चल रहे रामलीला उत्सव के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित किया।
राम वनगमन के मंचन ने दर्शकों को किया भावुक
रामलीला के मंच पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा से लेकर उनके वनवास तक की घटनाओं को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मंथरा और कैकेयी के बीच संवाद, कैकेयी और राजा दशरथ का संवाद तथा श्रीराम के वनगमन के प्रसंगों का मंचन हुआ।
रामकथा का यह हिस्सा त्याग, कर्तव्य, पारिवारिक संबंधों और मर्यादा के महत्व को दर्शाता है। राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच परिस्थितियों का बदलना और भगवान श्रीराम का वनवास स्वीकार करना दर्शकों के लिए भावनात्मक क्षण बना। कलाकारों ने संवाद और अभिनय के माध्यम से इन प्रसंगों को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया।
राम वनगमन की प्रस्तुति ने दर्शकों को रामायण की उन घटनाओं की याद दिलाई, जो भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान रखती हैं।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम बने निषाद राज
आज की लव कुश रामलीला का प्रमुख आकर्षण केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम द्वारा निषाद राज की भूमिका निभाना रहा। भगवान श्रीराम और निषाद राज की भेंट रामकथा का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है, जो मित्रता, आत्मीयता, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है।
मंचन के दौरान निषाद राज के चरित्र को प्रस्तुत करने में जुएल ओराम के अभिनय को दर्शकों ने सराहा। रामभक्तों ने उनकी प्रस्तुति की प्रशंसा की। इस प्रसंग ने धार्मिक कथा के साथ-साथ मानवीय संबंधों की गहराई को भी सामने रखा।
लव कुश रामलीला में राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों की भागीदारी आयोजन को अतिरिक्त आकर्षण देती रही है। निषाद राज के रूप में जुएल ओराम की प्रस्तुति भी इसी कारण दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी।
रामलीला देखने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
लालकिला मैदान में आयोजित रामलीला का अवलोकन करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारी भी पहुंचे। इनमें आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ सचिव तथा अवर सचिव स्तर के अधिकारी शामिल रहे।
रामलीला में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस के जवानों के साथ कमेटी के स्वयंसेवक व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। इसके अलावा मैदान के चारों ओर बाउंसर भी तैनात किए गए हैं, ताकि दर्शकों की आवाजाही व्यवस्थित रहे और श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में रामलीला का आनंद ले सकें।
15 अक्टूबर को दिखेगा विशेष केवट प्रसंग
लव कुश रामलीला कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि 15 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन रामलीला देखने के लिए पहुंचेंगे। इस दिन भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने वाले केवट प्रसंग का विशेष मंचन किया जाएगा।
इस प्रसंग में प्रसिद्ध गायक, अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी केवट की भूमिका निभाएंगे। रामायण का केवट प्रसंग अपनी भक्ति, विनम्रता और भगवान के प्रति अटूट विश्वास के लिए जाना जाता है। ऐसे में मनोज तिवारी की प्रस्तुति दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहने की उम्मीद है।
केवट और भगवान श्रीराम के बीच संवाद रामकथा के उन प्रसंगों में शामिल है, जो सेवा, प्रेम और निष्काम भक्ति का संदेश देते हैं। इस दृश्य को देखने के लिए रामभक्तों में उत्सुकता बनी हुई है।
श्रद्धालुओं के उत्साह से बढ़ रही रामलीला की रौनक
लालकिला मैदान की लव कुश रामलीला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और रंगमंचीय प्रस्तुतियों का संगम बनी हुई है। राम वनगमन, निषाद राज से भेंट और आगामी केवट प्रसंग जैसे दृश्य दर्शकों को रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं से जोड़ रहे हैं।
कमेटी के अनुसार, प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलीला देखने पहुंच रहे हैं। आयोजन में भव्य शोभायात्रा, प्रभावशाली मंचन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में होने वाली प्रस्तुतियों को लेकर भी रामभक्तों में उत्साह है।


























