मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आज बुधवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक हुई। बैठक में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों ने चर्चा की। इसी दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के अलग-अलग आंदोलन करने के फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध तभी असरदार होगा, जब गठबंधन के सभी दल साझा मंच से एकजुट होकर मैदान में उतरेंगे।
उद्धव ठाकरे बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। उन्होंने INDIA गठबंधन से बड़ा और साझा आंदोलन शुरू करने की अपील की। ठाकरे के मुताबिक, गठबंधन के बैनर तले सभी पार्टियों को एक साथ जमीन पर उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पार्टियों के अपने-अपने कार्यक्रम करने से एकजुटता का संदेश कमजोर पड़ सकता है।
उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के अलग आंदोलन पर क्या कहा?
बैठक में ठाकरे ने महाराष्ट्र में कांग्रेस के अलग से धरना-प्रदर्शन करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अकेले आंदोलन करना ठीक नहीं है और विपक्षी दलों को साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उनका जोर इस बात पर था कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर INDIA गठबंधन को एक सामूहिक आवाज बनानी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने यह भी बताया कि शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में 4 तारीख को चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि आगे होने वाले विरोध-प्रदर्शन गठबंधन के साझा बैनर के तहत आयोजित किए जाएं। उनके अनुसार, इससे आंदोलन का दायरा बढ़ेगा और उसका राजनीतिक प्रभाव भी अधिक होगा।
कांग्रेस ने राज्यों में आंदोलन के निर्देश दिए थे
इससे पहले कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राज्य इकाइयों को देशभर में आंदोलन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किए। बैठक में ठाकरे की टिप्पणी इसी पृष्ठभूमि में आई। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि विपक्षी दलों के बीच तालमेल बनाकर विरोध की दिशा तय की जाए, ताकि अलग-अलग कार्यक्रमों के बजाय एक संयुक्त अभियान चलाया जा सके।

हालांकि, बैठक में हुई चर्चा का बड़ा हिस्सा चुनाव आयोग, मतदाता सूची और SIR को लेकर विपक्ष की मांगों पर केंद्रित रहा। गठबंधन के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए।
INDIA गठबंधन की बैठक में SIR और चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में विपक्षी दलों के सामने चुनाव प्रक्रिया में बदलाव से जुड़ी मांगें रखीं। इनमें भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल करने और EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग शामिल थी। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज और चुनावी प्रक्रिया पर भरोसे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने आयोग के भीतर कथित तौर पर दर्ज आपत्तियों का हवाला देते हुए CEC की भूमिका पर सवाल उठाए। खरगे का कहना था कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं और इनका जवाब दिया जाना चाहिए।
खरगे ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप
खरगे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं। खरगे के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्तियां दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि इन कथित आपत्तियों से आयोग के फैसलों और कामकाज पर चर्चा जरूरी हो जाती है।
ये आरोप और मांगें विपक्षी नेताओं की ओर से बैठक में रखी गईं। चुनाव आयोग या संबंधित पक्षों का जवाब इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। ऐसे में इन दावों को विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
साझा रणनीति पर टिकी विपक्ष की चुनौती
बैठक में उद्धव ठाकरे की टिप्पणी ने INDIA गठबंधन के भीतर आंदोलन की रणनीति और आपसी तालमेल का सवाल सामने रखा। एक ओर कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाइयों के जरिए देशभर में विरोध शुरू कराया है, वहीं ठाकरे चाहते हैं कि चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान गठबंधन के साझा मंच से चले।
विपक्ष के सामने अब चुनौती सिर्फ चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने की नहीं, बल्कि अलग-अलग दलों को एक रणनीति के तहत साथ लाने की भी है। यदि गठबंधन के दल साझा कार्यक्रम और स्पष्ट संदेश के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उनका आंदोलन अधिक संगठित दिखाई दे सकता है। फिलहाल दिल्ली की बैठक में चुनाव आयोग, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठी मांगों के साथ-साथ विपक्षी एकता का मुद्दा भी चर्चा में रहा।
























