संध्या समय संवाददाता
समस्तीपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, पूसा, समस्तीपुर (बिहार) की ओर से 21 जून 2024 को कृषि विज्ञान केन्द्र, जाले, दरभंगा में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘खरीफ फसल उत्पादन तकनीकी सह बीज वितरण’ रखा गया था।
यह कार्यक्रम केन्द्र सरकार द्वारा संचालित अनुसूचित जाति उप परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत प्रजातियों के बीज वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति के किसानों को धान की नवीन उन्नत प्रजाति पूसा सुगन्ध-5 के बीज वितरित किए गए। इसके अलावा अरहर की उन्नत प्रजाति पूसा-151 और मूंग की पूसा विशाल प्रजाति के बीज भी किसानों को उपलब्ध कराए गए।
कुल 200 किसानों को धान की पूसा सुगन्ध-5 प्रजाति के बीज, जबकि अरहर की पूसा-151 प्रजाति के बीज 30 किसानों और मूंग की पूसा विशाल प्रजाति के बीज 30 किसानों को वितरित किए गए।
कार्यक्रम में किसानों को धान, अरहर और मूंग की फसलों से अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए नवीन उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक अपनाने और बेहतर उत्पादन के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
कृषकों को खरीफ फसलों की बेहतर खेती, उन्नत बीजों के उपयोग और उत्पादन बढ़ाने से जुड़े विभिन्न कृषि तकनीकी पहलुओं के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, पूसा के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. के.के. सिंह तथा कृषि विज्ञान केन्द्र, जाले, दरभंगा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. दिव्याशु शेखर ने की।
दोनों वैज्ञानिकों ने अनुसूचित जाति के किसानों को उन्नत बीज वितरित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खरीफ फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान की शशीमाला, सुशील कुमार सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति के किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक और गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचाकर फसल उत्पादन तथा किसानों की आय में वृद्धि को बढ़ावा देना रहा।


























