Gurugram News: गुरुग्राम के प्रतिष्ठित डीएलएफ फेज-तीन क्षेत्र में सोमवार को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (टीसीपी) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़े अभियान को अंजाम दिया। विभाग की इस कार्रवाई के दौरान मोलसरी एवेन्यू रोड और वी ब्लॉक में भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर को रवाना किया गया। हालांकि, इस तोड़फोड़ अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और भवन स्वामियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।
दोपहर करीब डेढ़ बजे डीटीपीई (उपनिदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) अमित मधोलिया की अगुवाई में तोड़फोड़ और सीलिंग दस्ता मोलसरी एवेन्यू रोड पर पहुंचा। यहां टीम ने सबसे पहले एक बड़े गेस्ट हाउस को अपना निशाना बनाया, जिसे बाद में सील कर दिया गया।
सीएलयू के बावजूद नहीं बचा गेस्ट हाउस
जब तोड़फोड़ दस्ता गेस्ट हाउस पर पहुंचा, तो इसके संचालक ने तुरंत अधिकारियों के सामने अपने दस्तावेज पेश किए। उनका दावा था कि उन्होंने इस गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए वैध तरीके से ‘कॉलोनीज लैंड यूज’ (CLU) ले रखा है। हालांकि, डीटीपीई अमित मधोलिया जब मौके पर पहुंचे और गहनता से निरीक्षण किया, तो तस्वीर कुछ और ही थी।
निरीक्षण में साफ तौर पर पाया गया कि भले ही गेस्ट हाउस के पास सीएलयू हो, लेकिन मंजूर नक्शे की धज्जियां उड़ाकर भवन का विस्तार किया गया था। डीटीपीई को जांच में कई बड़ी अनियमितताएं मिलीं। जहां पार्किंग होनी चाहिए थी, वहां अवैध रूप से चार कमरे बनाए गए थे। बेसमेंट में भी छह अतिरिक्त कमरों का निर्माण कर लिया गया था। इमारत की छत पर भी दो कमरों का अवैध निर्माण किया गया था। मंजूर नक्शे के अनुसार प्रत्येक मंजिल पर सिर्फ छह कमरे होने चाहिए थे, लेकिन वहां आठ-आठ कमरे बने हुए थे।
इन गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए डीटीपीई ने तुरंत बुलडोजर चलाने के आदेश दिए। बुलडोजर ने पहले स्टिल्ट पार्किंग में बने चारों अवैध कमरों को ढहा दिया। बताया जा रहा है कि इस गेस्ट हाउस के करीब 30 कमरों में उस वक्त मेहमान रुके हुए थे। सुरक्षा को देखते हुए पहले उन सभी मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और फिर इस पूरी इमारत को सील कर दिया गया।
रेस्तरां और प्रॉपर्टी ऑफिस ध्वस्त
इसके बाद डीटीपीई अपने दस्ते के साथ एक और प्लॉट पर पहुंचे। यहां का नजारा भी कुछ अलग नहीं था। एक प्लॉट पर पूरी तरह से अवैध तरीके से एक रेस्तरां, जूस की दुकान और एक प्रॉपर्टी डीलर का कार्यालय चलाया जा रहा था। अधिकारियों ने कार्रवाई से पहले इन दुकानदारों और कर्मचारियों को अपना सामान समेटने के लिए केवल 20 मिनट का समय दिया। 20 मिनट बाद बुलडोजर का दरवाजा खुलते ही यह रेस्तरां, जूस सेंटर और प्रॉपर्टी ऑफिस मिट्टी में मिलकर रह गया।
सड़क पर बने गार्ड रूम को घर के अंदर खींचने की कोशिश
इस अभियान के दौरान एक अजीब और हैरान कर देने वाला वाकया भी सामने आया। डीटीपीई को जब निरीक्षण करते हुए पाया कि तीन मकानों के सामने सरकारी सड़क की जमीन पर अवैध रूप से गार्ड रूम (सुरक्षा चौकी) बनाए गए हैं, तो उन्होंने तुरंत उन्हें गिराने के आदेश दिए। बुलडोजर ने दो गार्ड रूम को तोड़ दिया।
तभी तीसरे मकान का मालिक डर के मारे एक तरकीबी हरकत कर बैठा। उसने जल्दबाजी में अपने बाहर बने गार्ड रूम को घर के अंदर की तरफ खींच लिया, ताकि अधिकारी उसे सड़क पर अवैध मानकर न तोड़ें। लेकिन डीटीपीई अमित मधोलिया इस चाल को समझ गए। उन्होंने कड़ाई दिखाते हुए मकान मालिक को उस गार्ड रूम को फिर से बाहर निकलवाया और बुलडोजर से उसे पूरी तरह से मलबे में तब्दील करा दिया।
हाईकोर्ट के स्टे के चलते 10 इमारतें बचीं
इस बीच, जब डीटीपीई मोलसरी एवेन्यू रोड पर स्थित 10 अन्य इमारतों पर बुलडोजर लेकर पहुंचे, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। इन 10 मकानों के मालिकों ने अधिकारियों के सामने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का स्टे ऑर्डर पेश कर दिया। इन इमारतों के मामले में अब 24 अगस्त को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई में नगर नियोजन विभाग की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किया जाएगा।
सड़कों पर कारें खड़ी करने वालों पर शिकंजा
इस पूरे अभियान के बाद डीटीपीई अमित मधोलिया ने स्पष्ट किया है कि डीएलएफ फेज-3 और अन्य क्षेत्रों में अवैध निर्माण तथा आवासीय इमारतों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ यह सीलिंग और तोड़फोड़ अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने एक गंभीर मुद्दे पर भी चिंता जताई कि कई बिल्डर और मकान मालिक स्टिल्ट पार्किंग को अवैध रूप से कमरों में बदल दे रहे हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि लोगों की गाड़ियों को पार्किंग नहीं मिलती और वे अपनी कारें सड़कों पर खड़ी कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसे लोगों के खिलाफ अब कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा और नियम विरुद्ध कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं।


























