Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र स्थित सावित्रीबाई फुले कन्या इंटर कॉलेज में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा पेश आया। इस शिक्षण संस्थान के हॉस्टल भवन में अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जिसे देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, समय रहते फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर इस आग पर काबू पा लिया, लेकिन इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच काफी दहशत पैदा कर दी है। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इस भीषण आग के बावजूद किसी भी छात्रा या अन्य व्यक्ति के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
आग कैसे लगी और फैली कैसे?
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला तब सामने आया जब हॉस्टल के पहले तल्ले (फर्स्ट फ्लोर) पर स्थित ‘ब्लॉक ए’ और ‘ब्लॉक सी’ में अचानक से धुआं उठने लगा। प्रारंभिक जांच और आसपास के लोगों के अनुमान के मुताबिक, यह आग एयर कंडीशनर (AC) में आई भयंकर शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। गर्मियों के मौसम में लगातार एसी के इस्तेमाल और बिजली के लोड के चलते यह छोटी सी चिंगारी तेजी से आग का रूप ले चुकी थी।
आग लगने के उस वक्त हॉस्टल भवन खाली पड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि उस समय छात्राएं अपनी उपस्थिति (अटेंडेंस) दर्ज करवाने में व्यस्त थीं, जबकि कुछ बच्चे स्कूल के खुले मैदान (ग्राउंड) में खेलने और अभ्यास करने के लिए मौजूद थे। यदि आग लगने का समय थोड़ा और देर का होता, या छात्राएं अपने कमरों में मौजूद होतीं, तो यह हादसा काफी ज्यादा भयानक और जानलेवा साबित हो सकता था।
स्कूल प्रबंधन का प्रयास और फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू ऑपरेशन
आग को देखते ही स्कूल के स्टाफ और प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में स्कूल के कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया और फायर एक्सटिंगुशर का इस्तेमाल किया। लेकिन तेज हवाओं के कारण आग ने बेतहाशा रफ्तार पकड़ ली और मोमेंट्स में ही विकराल रूप ले लिया। जब आग पर स्थानीय स्तर पर काबू नहीं पाया जा सका, तब तत्काल पीआरवी (PRV) कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को फोन करके सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही फायर डिपार्टमेंट तत्पर हो गया। मौके पर फायर ब्रिगेड की कुल चार गाड़ियां बड़ी तेजी से पहुंची। आग काफी तेजी से फैल चुकी थी और धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल चुका था। फायर फाइटर्स ने मुश्किल और कड़ी मशक्कत के बाद अपनी जान की बाजी लगाते हुए आग को बुझाना शुरू किया। कई घंटों के लगातार प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया, ताकि यह आग आस-पास के अन्य कमरों या भवनों में न फैल सके।
अधिकारियों ने दी आधिकारिक जानकारी
इस पूरे मामले पर ग्रेटर नोएडा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि मंगलवार दोपहर को थाना कासना इलाके से एक इंटर कॉलेज के हॉस्टल में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, हॉस्टल खाली था। ब्लॉक A और C के पहले फ्लोर पर आग ने अपना असर दिखाया।
सीएफओ ने आगे बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद फायर सर्विस यूनिट के साथ-साथ स्थानीय थाना पुलिस भी मौके पर मौजूदगी दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास के इलाके में भीड़ को नियंत्रित किया और रेस्क्यू ऑपरेशन को आसान बनाया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और आग को पूर्ण रूप से बुझा दिया गया है।
स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर उठे सवाल
यह घटना ग्रेटर नोएडा और आसपास के एनसीआर (NCR) क्षेत्र में स्कूलों और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि इस बार किसी की जान नहीं गई, लेकिन शॉर्ट सर्किट से आग लगना यह दर्शाता है कि इन भवनों में इलेक्ट्रिकल सुरक्षा ऑडिट कितनी जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के मौसम में, जब एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल लगातार किया जाता है, तब ऐसी जगहों पर बिजली के लोड को बैलेंस करना बेहद आवश्यक होता है। एमसीबी (MCB) की उचित व्यवस्था और फायर अलार्म सिस्टम लगाना हर स्कूल और हॉस्टल के लिए अनिवार्य होना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को शुरुआती दौर में ही रोका जा सके।

























