Maharashtra News:महाराष्ट्र के नागपुर शहर में शुक्रवार का दिन अपराध और हिंसा की भयावह घटनाओं के नाम रहा। शहर की शांत भव्यता को दरकिनार करते हुए अपराधियों ने एक के बाद एक ऐसी वारदातों को अंजाम दिया, जिसने पुलिस प्रशासन की जांच प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। दिन की शुरुआत पांचपावली इलाके में एक सनसनीखेज घटना के साथ हुई, जहां एक नाती ने अपनी ही वृद्ध नानी की निर्मम हत्या कर दी। हालांकि, शाम होते-होते हालात और भी भयावह हो गए, जब नंदनवन इलाके में खुलेआम एक युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
नंदनवन में खूनी संग्राम
शहर के नंदनवन थाना क्षेत्र अंतर्गत सद्भावना नगर इलाके में शुक्रवार शाम को एक ऐसी वीभत्स वारदात सामने आई, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पुरानी रंजिश के चलते दबंगों ने एक युवक पर जानलेवा हमला किया और उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान संजय उर्फ मोनू ठाकुर (35) के रूप में हुई है, जो सद्भावनानगर, नंदनवन का निवासी था।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6:40 बजे की है। मोनू उस समय नंदनवन झोपड़पट्टी गली नंबर 1 क्षेत्र में मौजूद था। तभी वहां दो युवक आए, जिनमें से एक की पहचान आयुष के रूप में हुई है, जबकि दूसरा एक नाबालिग बताया जा रहा है। आरोपी पहले से ही मोनू की तलाश में थे और उनके पास हमले के लिए हथियार और पत्थर मौजूद थे।
पहले चाकू, फिर पत्थर से वार
आरोपियों ने आते ही मोनू को घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के उस पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। पहले उन्होंने चाकू से उसके शरीर पर कई वार किए, जिससे मोनू लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। लेकिन आरोपियों का क्रोध यहीं शांत नहीं हुआ। मोनू के गिरने के बाद आरोपियों ने उसके सिर पर एक बड़े से पत्थर से जोरदार वार किया। इस क्रूर हमले से मोनू की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए, लेकिन उनके द्वारा किए गए इस कांड ने इलाके में दहशत पैदा कर दी।
पुरानी रंजिश का नतीजा
पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह हत्या आकस्मिक नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से प्लान्ड थी। मृतक संजय उर्फ मोनू और आरोपी आयुष में कुछ महीने पहले किसी बात को लेकर जमकर विवाद हुआ था। तभी से आरोपी मोनू से रंजिश रखे हुए थे और बदला लेने की फिराक में थे। शुक्रवार को जब उन्हें मोनू अकेला मिला, तो उन्होंने अपनी पुरानी रंजिश को खून से धोने का फैसला किया।
आरोपियों में शामिल नाबालिग का खुलासा
इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल था। नाबालिग अपराध की बढ़ती दर नागपुर पुलिस के लिए भी चिंता का विषय है। कम उम्र में इतनी बेरहमी से हत्या को अंजाम देना दर्शाता है कि आपराधिक प्रवृत्ति कितनी गहरी जड़ें फैला रही है। पुलिस नाबालिग आरोपी की तलाश में जुट गई है, जबकि मुख्य आरोपी आयुष की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है।
दहशत में इलाका, बंद कर लिए दरवाजे
घटना के समय शाम होने के कारण इलाके में लोग अपने-अपने घरों में मौजूद थे। हमले की आवाज सुनकर और खून-खराबे का नजारा देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने अपनी आंखों के सामने यह खौफनाक मंजर देखा, जहां दो युवक एक शख्स को मौत के घाट उतार रहे थे। डर के मारे कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और बाहर निकलने से परहेज किया। झोपड़पट्टी की गलियों में चीख-पुकार और हाहाकार मचा रहा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही नंदनवन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।
नागपुर में बढ़ता अपराध ग्राफ
यह कोई पहली मामला नहीं है जब नागपुर में इस तरह की घटना सामने आई हो। इससे पहले दिन में पांचपावली में नाती द्वारा नानी की हत्या की खबर ने सबको हिला कर रख दिया था। अब शाम को नंदनवन में हुआ यह कांड यह साबित करता है कि शहर में अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। खुलेआम सड़कों पर, झोपड़पट्टियों में हथियार और पत्थर लेकर घूमना और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देना, कानून व्यवस्था की चूक को दर्शाता है।
स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद काफी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सख्त कार्रवाई करती, तो शायद आज मोनू की जान बच सकती थी। लोगों ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए, ताकि दूसरे अपराधियों में भय पैदा हो सके।
फिलहाल, नंदनवन पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। आरोपी किसी भी वक्त गिरफ्तार हो सकते हैं, लेकिन इस वारदात ने नागपुर की बदतर होती कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को सुलझाकर लोगों में पुनः विश्वास पैदा कर पाती है या नहीं।























