संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। मेट्रो हॉस्पिटल्स एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के डायरेक्टर एंड हेड, एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर एवं डिप्टी मेडिकल डायरेक्टर डॉ. कपिल सिंघल ने इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेशियोलॉजिस्ट, यूपी स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला है। यह जिम्मेदारी उन्होंने 46वें उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन के दौरान संभाली। सम्मेलन का आयोजन 26 और 27 अक्टूबर को ओरछा में किया गया।
22 वर्षों से मेट्रो हॉस्पिटल नोएडा में दे रहे सेवाएं
डॉ. कपिल सिंघल पिछले 22 वर्षों से अधिक समय से मेट्रो हॉस्पिटल नोएडा से जुड़े हुए हैं। एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ वह मरीजों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर देते हैं। उनका मानना है कि हर मरीज को सर्जरी से पहले उचित एनेस्थीसिया जांच और मूल्यांकन से गुजरना चाहिए, ताकि ऑपरेशन के दौरान किसी भी संभावित जोखिम को कम किया जा सके।
सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया जांच पर जोर
डॉ. कपिल सिंघल सभी मरीजों को सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया जांच (Pre-Anesthesia Check-up) कराने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, ऑपरेशन से पहले मरीज की स्वास्थ्य स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और संभावित जोखिमों का आकलन करना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे एनेस्थीसिया के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं को कम करने और मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
CPR प्रशिक्षण और जनजागरूकता पर विशेष जोर
डॉ. कपिल सिंघल चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ आम लोगों को CPR प्रशिक्षण देने को भी बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका मानना है कि आपात स्थिति में सही समय पर दिया गया CPR किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसी उद्देश्य से उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में CPR प्रशिक्षण शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों को कार्डियक इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल मदद करने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण देने का प्रयास किया जाता है।
एनेस्थीसिया जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में नई जिम्मेदारी
इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेशियोलॉजिस्ट, यूपी स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष के रूप में डॉ. कपिल सिंघल की नई जिम्मेदारी एनेस्थीसिया सेवाओं, मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके अनुभव से राज्य में एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर से जुड़े चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
























