Delhi News: एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) का सदन में आज गुरुवार को एक बार फिर से राजनीतिक तमाशे का अखाड़ा बन गया। जिस मंच पर दिल्ली की जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं पर गंभीर चर्चा होनी थी, वहां आप पार्टी और भाजपा के पार्षदों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस बार वजह बनी केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया E20 पेट्रोल।
सदन के अंदर नारेबाजी और पोस्टरबाजी
कार्यवाही शुरू होने के साथ ही आप पार्षदों ने अपनी रणनीति के अनुसार सदन के भीतर ही पोस्टर और पंपलेट लहराने शुरू कर दिए। इन पोस्टरों पर E20 पेट्रोल के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। विपक्ष के पार्षदों ने सदन की बीचों-बीच खड़े होकर भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई।
आप का आरोप था कि E20 पेट्रोल आम आदमी के लिए एक नई मुसीबत बनकर सामने आया है। पार्टी का मानना है कि इससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और सबसे बड़ी समस्या यह है कि दिल्ली-एनसीआर में चल रहे लाखों पुराने वाहनों के इंजन इसमें खराब हो सकते हैं।
मेयर ने उठाया स्थगन का डंडा
सदन में शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि माइक की आवाज तक नहीं सुनाई दे रही थी। पार्षदों का हंगामा देखते हुए मेयर शेली ओबेरॉयने शुरू में कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया, ताकि तनाव शांत हो सके।
हालांकि, 10 मिनट बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो नाटकीय स्थिति बनी। आप पार्षदों ने एक बार फिर पोस्टर लेकर विरोध शुरू कर दिया। इसके जवाब में सत्ता पक्ष के भाजपा पार्षदों ने भी मोर्चा संभाल लिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में नारेबाजी तीखी नोकझोंक में बदल गई। दोनों पक्षों के पार्षद वेल (Well) तक पहुंच गए और एक-दूसरे का घेराव करने लगे। अंततः हालात काबू से बाहर होते देख मेयर को सदन की कार्रवाई को अनिश्चितकालीन रूप से स्थगित करना पड़ा।
अंकुश नारंग ने साधा केंद्र पर निशाना
इस पूरे घटनाक्रम के बाद एमसीडी में नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश के लोग E20 पेट्रोल की परेशानी से जूझ रहे हैं। लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं, इंजन फेल हो रहे हैं। केंद्र सरकार बिना जनता की तैयारी के इसे थोप रही है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
नारंग ने E20 के मुद्दे के साथ-साथ दिल्ली में जलभराव की समस्या को भी उठाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बारिश ने एमसीडी के ‘जलभराव मुक्त दिल्ली’ के दावों की पोल खोलकर रख दी है। दिल्ली का कोई भी ऐसा कोना नहीं बचा है जहां पानी भरा न हो।
भाजपा नेता ने कहा—’यह एमसीडी का विषय नहीं’
वहीं, इस मामले पर पलटवार करते हुए एमसीडी नेता सदन जय भगवान यादव ने आप पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली की जनता से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, “आज की बैठक में बरसात के बाद फैलने वाली जल जनित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया) पर गंभीर चर्चा होनी थी, लेकिन आप ने जनता की जान से खिलवाड़ करते हुए चर्चा ही नहीं होने दी।”
जय भगवान यादव ने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल केंद्र सरकार का निर्णय है और इसका दिल्ली नगर निगम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार ने लोगों को राहत देते हुए 100 प्रतिशत पेट्रोल लेने का विकल्प भी खुला रखा है, जो चाहे वह E20 ले, जो चाहे सादा पेट्रोल ले। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार बारिश में पिछले वर्षों की तुलना में बहुत कम जल भराव हुआ है।


























