ऋषि तिवारी
नई दिल्ली। साइबर धोखाधड़ी इनता बढ़ गया है कि अब कोई भी शिकार होता जा रहा है पिछले कुछ समय से देश में साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं तेजी से बढ़ती ही जा रही हैं। अब एक रिपोर्ट में सामने आया है कि अचानक कोई वीडियो कॉल कर ‘पूजा म्हात्रे केस’ का नाम लेकर आ रहा है जो कि देश में इन दिनों ‘पूजा म्हात्रे मनी लॉन्ड्रिंग केस’ के नाम का हवाला देकर साइबर अपराधी ‘डिजिटल अरेस्टिंग’ का नया हथकंडा शुरू कर चुके हैं। जो कि दिल्ली के रोहिणी का मामला है। जिस शख्स से ठगी की गई, उनका बेटा दिव्यांग है। अपराधियों ने विडियो के जरिए घर से लेकर बैंक तक की निगरानी रखी थी। आउटर नॉर्थ जिले की पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
पिछले दिनों एक अनजान नंबर से वट्सऐप
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित शख्स परिवार के साथ रोहिणी सेक्टर 18 में रहते हैं और उन्हें पिछले दिनों एक अनजान नंबर से वट्सऐप पर विडियो कॉल आ रहा था और कॉल पिक करने पर सामने पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स दिखाई दिया। उसने खुद को मुंबई पुलिस का ऑफिसर बताया और कहा कि पूजा म्हात्रे मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक संदिग्ध था। उसने मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनका नाम लिया है। यह भी कहा कि सीबीआई उसके बैंक बैंक खातों की निगरानी कर रही है और उन्हें फ्रीज करने की तैयारी कर रही है। साथ ही उसने भरोसा दिया कि अगर इंटरनल इन्वेस्टिगेशन में सपोर्ट करता है तो उसका नाम केस से निकलवाने में मदद करेंगे। इससे वह गिरफ्तारी से बच सकता है।
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पीड़ित पर दबाव बनाया कर धमकी दी
पीड़ित के अनुसार गिरफ्तारी, खाता फ्रीज करने और लंबे समय तक जेल में रहने की धमकी देकर उन पर इतना ज्यादा प्रभावित कर प्रेशर बना दिया कि वह एकदम मजबूर हो गए। वह ठगों के निर्देशों का पालन करते रहे। यहां तक कि जब वह अपने बैंक गए तो उन्होंने विडियो कॉल पर निगरानी रखी। यहां तक कि किसी को भी इन्वेस्टिगेशन लीक करने की सख्त मनाही थी। उनका बेटा सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित है और शारीरिक रूप से विकलांग है। उसे ध्यान में रखते हुए वह कॉलर की धमकी से बुरी तरह डरे हुए थे।
पीड़ित को बाद में पता चला कि डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुए है
बता दे कि पीड़ित को बाद में पता चला कि वह डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुए है और उन्हें रिपोर्टों से पता चलता कि डिजिटल अरेस्टिंग घोटाले के 92,323 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। जिनमें देश भर के पीड़ितों को सामूहिक रूप से 2,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। शुरुआत में पीड़ित पुलिस कंप्लेंट देने से डर रहे थे। बाद में हिम्मत करके पुलिस में शिकायत दी। पीड़ित ने उन बैंकों, पेमेंट गेटवे और कंपनियों की भूमिका की जांच की मांग की। इससे पहले पूजा म्हात्रे के नाम से मुंबई में एक युवक से साइबर ठगी हुई है।























