अभिजीत पाण्डेय
पटना।NEET Paper Leak Case में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है। सीबीआई की विशेष अदालत में विशेष न्यायिक दंडाधिकारी हर्ष वर्धन सिंह की बेंच के समक्ष हुई सुनवाई के बाद दो आरोपियों की रिमांड CBI को मिल गई है। इनमें चिंटू और मुकेश के नाम शामिल हैं।
CBI ने दोनों आरोपियों से मामले में गहन पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद अब जांच एजेंसी दोनों आरोपियों से पूछताछ करेगी और पेपर लीक मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएगी।
NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए विशेष अदालत में आवेदन दिया था। सुनवाई के बाद विशेष न्यायिक दंडाधिकारी हर्ष वर्धन सिंह की बेंच ने CBI को दोनों आरोपियों की रिमांड देने की अनुमति दी।
रिमांड के दौरान CBI आरोपियों से पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम, इसमें शामिल लोगों और मामले की अन्य कड़ियों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
इस मामले की शुरुआती जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) कर रही थी। इससे पहले 25 जून को EOU ने NEET पेपर लीक मामले से जुड़े सभी कागजात CBI को सौंप दिए थे।
EOU की ओर से मामले में किए गए अनुसंधान को समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद अब NEET पेपर लीक मामले की आगे की जांच पूरी तरह CBI के जिम्मे है।
NEET पेपर लीक मामले की जांच के लिए 22 जून को केंद्रीय शिक्षा विभाग ने CBI को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद 24 जून को CBI की टीम दिल्ली से पटना पहुंची थी।
पटना पहुंचने के बाद CBI अधिकारियों ने EOU की टीम के साथ विस्तृत बातचीत की थी। इस दौरान मामले से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं पर चर्चा की गई और अब तक की जांच से संबंधित जानकारी CBI के साथ साझा की गई।
CBI को जांच की जिम्मेदारी मिलने और EOU द्वारा सभी दस्तावेज सौंपे जाने के बाद अब इस मामले की आगे की जांच CBI करेगी। EOU की ओर से आधिकारिक तौर पर भी स्पष्ट किया गया है कि NEET पेपर लीक कांड की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी के पास है।
CBI ने इसी क्रम में आरोपियों से पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड मांगी थी, जिसे मंजूरी मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।


























