संदीप कुमार गर्ग
गढ़ी, ईस्ट ऑफ कैलाश के दीपक ने कहा है कि कुल मिलाकर यह मिला-जुला बजट है। रेलवे को लेकर उठाये कदम, युवाओं को ध्यान में रखते हुए लगभग डेढ़ करोड़ युवाओं की स्किलिंग, अप-स्किलिंग उत्साहवर्द्धक है। युवा देश का भविष्य है और इस कदम से उनके लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे, जब कुशल जनशक्ति काम करेगी तो जीवनशैली में भी सुधार होगा। वह आगे बढ़ेंगे, देश भी आगे बढ़ेगा। कई उद्योगों, पर्यटन क्षेत्र की तरक्की होगी, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ेगा अंततः देश प्रगति करेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी घोषणा हुई है। मुझे लगता है हर क्षेत्र पर ध्यान देने का सरकार ने प्रयास किया है। जब देश बढ़ेगा तो कहीं ना कहीं मेरी भी तरक्की होगी, मैं भी आगे बढ़ूंगा और अच्छा काम करके उस बढ़ोतरी में कुछ योगदान देने में समर्थ हो पाउंगा।
बजट के जरिए 2047 तक के रोडमैप को बताने की कोशिश
बात दे कि लोकसभा चुनाव से पहले पेश होने वाले बजट से एमएसएमई सेक्टर को काफी उम्मीदें थीं, परंतु ये मिनी बजट रहा। कोई बड़ी घोषणा नही की गई और हालाकि बजट के जरिए 2047 तक के रोडमैप को बताने की कोशिश जरूर की गई। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन सात लाख तक की आमदनी पर टैक्स से पूरी तरह छूट देकर मध्यम वर्ग को राहत जरूर दी गई है। नई सरकार के गठन के बाद पेश होने वाले आम बजट में भी टैक्स से राहत बरकरार रही तो निश्चित तौर पर इसका सही लाभ मध्यम वर्ग को मिलेगा। पार्चेजिंग पावर बढने से कारोबार को गति मिल पायेगी।
अंतरिम बजट 2024 ने सभी के लिए आवास पर
कहा कि आत्मनिर्भर भारत और सर्व-समावेशी सामाजिक न्याय के विचार को दोहराते हुए अंतरिम बजट 2024 ने सभी के लिए आवास, संसाधनों के उचित और न्यायसंगत वितरण, स्वामित्व या सह-स्वामित्व के मामले में महिला सशक्तिकरण का आश्वासन देते हुए कुछ प्रमुख सुधार पेश किए। आवास योजना घर और आधुनिक बुनियादी ढांचे के मानकों को ऊपर उठाना रियल एस्टेट के लिए एक सकारात्मक कदम है। इस बजट ने एक समतल जमीन तैयार की है जिससे कार्यालय हाउसिंग सेक्टर के साथ मिक्स्ड प्रोजेक्ट वाले आउटलेटों के अवशोषण में तेजी आएगी। बजट में भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचे, शहरी बस्तियों और समाज के सभी वर्गों के लिए आवास के लिए कार्यक्रमों और योजनाओं को बढ़ावा दिया गया है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप में ऑफिस स्पेस और कमर्शियल प्रोजेक्ट की मांग में उछाल आएगा।
मंदी के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत
एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने वाला है, इसमें सभी वर्गों का पूरा ख्याल रखा गया है। दुनिया में मंदी आने के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था काफी ज्यादा मजबूत होती जा रही है। केंद्र सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर काफी ज्यादा ध्यान नजर आया। हाउसिंग सेक्टर में 2 करोड़ किफायती घर बनाने की योजना केंद्र सरकार की है। इसमें विभिन्न उद्योगों जैसे सीमेंट, स्टील, फ्लाईवुड, कंक्रीट और विनिमार्ण सामग्री के उद्योगों को तेज रफ्तार मिलेगी।
3 रेलवे के नए कॉरिडोर भी बनाने की योजना है। जिससे उद्योगों में बढ़ावा मिलने के साथ ही माल ढुलाई में सुविधा होगी। सोलर एवं ई-वाहनों के माध्यम से विद्युत उत्पादन और उद्योगों को काफी बढ़ावा मिलेगा। आयकर में साल 2010 से पहले 25 हजार रुपये से कम की जो विवादित मांग लंबित चल रही थी। उसको माफ करके उद्योगों के लिए काफी सुविधाजनक किया है। इस मौक पर एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन, महासचिव वीके सेठ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कोहली, हरीश जोनेजा, कोषाध्यक्ष शरद चन्द्र जैन, सचिव राहुल नैययर, राजन खुराना, मयंक गुप्ता, संदीप विरमानी और अजय अग्रवाल समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।























