बिहार के भोजपुर जिले से एक ऐसा दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौर डाल दी है। बिहिया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत एक जर्जर और क्षत-विक्षत बाउंड्री वॉल के अचानक ढह जाने के कारण दो नन्हे मासूमों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक बच्चे आपस में चचेरे भाई थे, जो अपने घर के सामने सामान्य तौर पर खेल रहे थे और इस दुर्घटना ने उनकी जान ले ली। इस घटना ने एक बार फिर से सड़क किनारे या आवासीय क्षेत्रों में खड़ी जर्जर इमारतों और दीवारों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
खेलते खेलते बदल गई मज़े की पलकें मौत में
यह पूरा मामला बिहिया के धोबिया मौहल्ला नगर परिषद के वार्ड नंबर 6 का है। प्राप्त जानकारी और पुलिस के बयान के अनुसार, तीन वर्षीय शिवांश कुमार और ढाई साल के अंकित कुमार अपने घर के बाहर मौजूद मैदान में खेल रहे थे। तभी अचानक एक बेहद पुरानी और कमजोर हो चुकी बाउंड्री वॉल उनपर गिर गई। इतनी भारी दीवार के नीचे आने से दोनों बच्चे मलबे में बुरी तरह से दब गए। घटना के समय उनके दादा छोटक रजक भी उनके करीब ही मौजूद थे, जो दीवार के मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
दीवार गिरने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए। भीड़ ने मिलकर अपने बेहतरीन संसाधनों के बावजूद बच्चों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। मृतक बच्चे के बड़े पिता राजू कुमार रजक ने बताया कि जब तक शिवांश को मलबे से निकाला जाता, तब तक उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं, ढाई साल के अंकित को गंभीर अवस्था में तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
परिवार के सामने बिखर गया संसार
इस हादसे ने दो परिवारों को अंधेरे में धकेल दिया है। परिवारजनों के अनुसार, शिवांश अपने माता-पिता के चार पुत्रों में तीसरे नंबर का था, जबकि ढाई साल का अंकित अपने माता-पिता का इकलौता चमकता सितारा था। एक ही परिवार में दो जवान पेड़ों के गिर जाने से मातम का माहौल है। घायल दादा छोटक रजक का इलाज अभी भी अस्पताल में जारी है, जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। उनके सामने अपने नातियों को जिंदा जलते देखना उम्रभर की सजा से कम नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही बिहिया थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। दोनों मासूमों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर यह दीवार इतनी जर्जर क्यों थी और मकान मालिक ने इसे गिरने से पहले क्यों नहीं ढहाया।
इस मामले पर बिहिया के सर्किल ऑफिसर (सीओ) निलेश कुमार ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी भोजपुर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को दे दी गई है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार पीड़ित परिवारों को सरकारी राहत और मुआवजा देने की प्रक्रिया को तेजी से अमली जामा पहनाया जा रहा है।
आक्रोशित भीड़ ने किया हाईवे जाम
वहीं, दो निर्दोष बच्चों की मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों और मृतक बच्चों के परिजनों ने बिहिया-जगदीशपुर स्टेट हाईवे-102 को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि जिस मकान की दीवार गिरी, उसके मालिक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। भीड़ ने मकान मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई और परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा दिए जाने की आवाज बुलंद की। काफी देर तक चले जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत कराया।
इस अनहोनी घटना से पूरे गांव और धोबिया मौहल्ले में सन्नाटा छा गया है। दो नन्हे बच्चों के एक साथ चले जाने से हर किसी की आंखों में आंसू हैं। शोक संतप्त परिवार के घर पर स्थानीय ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लग गया। कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की और इस मुश्किल घड़ी में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
























