भायंदर में स्कूल के बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

नाजरात स्कूल के आसपास सुबह स्कूल शुरू होने और दोपहर या शाम छुट्टी के समय विद्यार्थियों तथा अभिभावकों की आवाजाही बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल की ओर से आने वाले बच्चों को इसी व्यस्त मार्ग से गुजरना पड़ता है।

नाजरात स्कूल के पास बच्चों का रास्ता असुरक्षित

HIGHLIGHTS

  • स्कूल टाइम में जाम, हादसे का खतरा बढ़ा
  • शिंदे जूस सेंटर को लेकर नागरिकों ने उठाए सवाल
  • बच्चों की भीड़ के बीच सड़क पर खतरनाक हालात
  • शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

भायंदर पश्चिम में पालिका के हेड ऑफिस के गेट नंबर 2 के पास मेन रोड के कॉर्नर पर स्थित शिंदे जूस सेंटर एवं टी सेंटर को लेकर स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है। नागरिकों का आरोप है कि सरकारी जगह पर कथित तौर पर दुकानें खड़ी की गई हैं। उनका कहना है कि सड़क के अहम मोड़ पर इन दुकानों की मौजूदगी से यातायात प्रभावित होता है और पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कॉर्नर रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर है और दिनभर यहां वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क के मोड़ पर पर्याप्त जगह और कटिंग नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी से निकलना पड़ता है। नागरिकों का दावा है कि दुकानों के आसपास की स्थिति से रास्ता और संकरा महसूस होता है। हालांकि, अतिक्रमण और यातायात पर इसके प्रभाव की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के निरीक्षण के बाद ही हो सकती है।

स्कूल के समय बढ़ जाती है भीड़

नाजरात स्कूल के आसपास सुबह स्कूल शुरू होने और दोपहर या शाम छुट्टी के समय विद्यार्थियों तथा अभिभावकों की आवाजाही बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल की ओर से आने वाले बच्चों को इसी व्यस्त मार्ग से गुजरना पड़ता है। इस दौरान बसों, निजी वाहनों और अन्य यातायात के बीच सड़क पार करना या किनारे से चलना मुश्किल हो सकता है।

अभिभावकों की चिंता है कि यदि सड़क के कॉर्नर पर पर्याप्त जगह उपलब्ध न हो, तो बच्चों को वाहनों के करीब से गुजरना पड़ता है। भीड़ के समय वाहन चालकों को भी मोड़ पर स्पष्ट दृश्यता और सुरक्षित रास्ते की जरूरत होती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल के समय स्थल का निरीक्षण कर पैदल यात्रियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

हादसे की आशंका को लेकर नागरिक चिंतित

स्थानीय लोगों का कहना है कि बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही के बीच विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। इसी वजह से किसी अप्रिय सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन किसी गंभीर घटना के बाद कार्रवाई करेगा, या उससे पहले ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

नागरिकों के मुताबिक, इस स्थान पर यातायात व्यवस्था, पैदल चलने की जगह और सड़क के मोड़ की स्थिति की संयुक्त रूप से जांच जरूरी है। उनका कहना है कि केवल दुकानों की स्थिति देखना पर्याप्त नहीं होगा; स्कूल के समय वाहनों की आवाजाही और बच्चों के सुरक्षित आवागमन को भी ध्यान में रखना चाहिए।

शिकायत के बाद भी समाधान का इंतजार

बताया गया है कि कुछ पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने संबंधित वार्ड अधिकारी को फोन के माध्यम से समस्या की जानकारी दी है। इसके बावजूद, नागरिकों का कहना है कि कथित अतिक्रमण और यातायात से जुड़ी परेशानी का स्थायी समाधान अब तक नजर नहीं आया है। इस कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

हालांकि, शिकायत किए जाने और उस पर हुई कार्रवाई की स्थिति संबंधित कार्यालय से पुष्टि के अधीन है। प्रशासन की ओर से निरीक्षण या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। नागरिकों ने मांग की है कि शिकायत को दर्ज कर उसकी जांच की जाए और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

तहसील प्रशासन से स्थल निरीक्षण की मांग

स्थानीय नागरिकों ने तहसीलदार भायंदर निलेश गौड और नायब तहसीलदार प्रथमेश बुरके से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उनकी मांग है कि संबंधित स्थान का निरीक्षण कराया जाए और यह जांचा जाए कि दुकानों की स्थापना सरकारी जमीन पर हुई है या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

नागरिकों के अनुसार, शिकायत को इनवर्ड कराने की प्रक्रिया भी की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से यह भी अपेक्षा जताई है कि स्कूल के समय यातायात और पैदल यात्रियों की सुरक्षा का आकलन किया जाए तथा जरूरत पड़ने पर सड़क के कॉर्नर पर व्यवस्था सुधारी जाए।

फिलहाल, शिंदे जूस सेंटर एवं टी सेंटर को लेकर लगाए गए आरोपों और सड़क पर पड़ रहे प्रभाव की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में संबंधित विभाग का स्थल निरीक्षण और निष्पक्ष जांच अहम होगी। स्थानीय लोगों की मुख्य मांग है कि मामले को समय रहते देखा जाए, ताकि भायंदर पश्चिम के इस व्यस्त कॉर्नर पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और अन्य राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Sandhya Samay News

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