आज का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मिश्रित प्रदर्शन के साथ समाप्त हुआ। प्रमुख सूचकांकों ने शुरुआत में गिरावट दर्ज की, लेकिन अंत में अपने अधिकांश नुकसान को आराम से रिकवर कर लिया। सेंसेक्स 188 अंकों यानी लगभग 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,966 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 36 अंकों या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,435 पर समाप्त हुआ। इस गिरावट के बावजूद, निवेशक आगामी तिमाही नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि आज 570 से अधिक कंपनियां अपने अप्रैल-जून 2023 की तिमाही के परिणाम घोषित करने वाली हैं।
आज आने वाले कंपनियों के तिमाही नतीजे
गुरुवार, 13 अगस्त को बहुत सी प्रमुख कंपनियां अपने वित्तीय आंकड़े प्रस्तुत करेंगी। इनमें टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, होनासा कंज्यूमर, मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज, और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन्स जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। इन कंपनियों के तिमाही नतीजों का बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि निवेशक इन नतीजों के आधार पर अपने निवेश रणनीति तय करते हैं।
एशियाई बाजारों का प्रदर्शन और वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों की बात करें, तो दक्षिण कोरियाई कोस्पी इंडेक्स ने आज जबरदस्त प्रदर्शन किया। यह सूचकांक 4.48 प्रतिशत की छलांग लगाकर क्षेत्र के सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले बाजार के रूप में उभरा। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.83 प्रतिशत बढ़ा, जबकि व्यापक टॉपिक्स इंडेक्स 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इसके विपरीत, हांगकांग का हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.87 प्रतिशत गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 सूचकांक मामूली 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। इन संकेतकों से पता चलता है कि वैश्विक बाजारों का मूड मिश्रित है, जहां कुछ बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है, तो कुछ में मामूली गिरावट भी है।
गिफ्ट निफ्टी और भारतीय बाजार के संकेत
गिफ्ट निफ्टी, जो निफ्टी फ्यूचर्स का संकेतक है, आज लगभग 24,423.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह पिछले बंद भाव से लगभग 50 अंकों नीचे था, जो भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत है। इसका अर्थ है कि आज के दिन निवेशकों की धारणा कुछ हद तक नकारात्मक रही है, लेकिन यह उतना गंभीर नहीं है कि बाजार में बड़ी गिरावट आए। बाजार की इन हल्की गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक संकेतकों में मिलीजुली स्थिति है और साथ ही साथ तिमाही नतीजों का इंतजार भी है।
वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार भी आज मिश्रित प्रदर्शन कर रहा है। बुधवार, 12 अगस्त को डॉउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग स्थिर रहा, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट ने क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। अमेरिकी बाजारों का यह व्यवहार इस बात का संकेत है कि निवेशक मुद्रास्फीति के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं, जो जुलाई महीने के लिए अपेक्षा के अनुरूप आए हैं। अमेरिकी बाजारों में यह हल्की छुट-पुट बढ़त निवेशकों के मनोबल को बढ़ा रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
तेल की कीमतें भी आज गिरावट के साथ दर्ज की गई हैं। ब्रेंट क्रूड वायदा 1.29 डॉलर यानी लगभग 1.5 प्रतिशत गिरकर 87.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.30 डॉलर या 1.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। तेल की कीमतों में यह गिरावट वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में नरमी का संकेत दे रही है, जो ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता को दर्शाती है।
सोने की कीमतें स्थिर, मुद्रास्फीति का प्रभाव
अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों में नरमी आने के बाद, सोने की कीमतें स्थिर हैं। बुधवार को सोने की कीमत 0.9 प्रतिशत बढ़कर 4,400 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। आज शुरुआत में मामूली बदलाव दिखा, और हाजिर सोना 0.1 प्रतिशत गिरकर 4,403.02 डॉलर प्रति औंस पर रहा। मुद्रास्फीति में नरमी ने सोने के निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है क्योंकि यह सुरक्षित निवेश के रूप में माना जाता है। आने वाले दिनों में, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आंकड़ों और मुद्रास्फीति के रुख पर सोने की कीमतें निर्भर करेंगी।

























