भारतीय शेयर बाजार आज सुबह से ही अपनी गति से चल रहा है, लेकिन बाजार की शुरुआत उम्मीदों के विपरीत मिक्सड रही। सोमवार, 12 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही थोड़ी स्थिरता के साथ खुले। सेंसेक्स 109 अंकों की बढ़त के साथ 78,263 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 0.75 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 24,472 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तेजी की वजह एशियाई बाजारों में मिली-जुली शुरुआत और अमेरिकी वायदा बाजार में गिरावट को माना जा रहा है।
वैश्विक बाजारों का हाल: मिलेजुले संकेत
एशियाई बाजार बुधवार को मिश्रित स्थिति में खुलें, जिसमें दक्षिण कोरियाई कॉस्पी इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। कोस्पी ने intraday में 2.44% की बढ़त दर्ज की, और अंत में 1.5% की तेजी के साथ बंद हुआ। जापान का निक्केई 225 सूचकांक ने भी मामूली बढ़त दर्ज की, जबकि टोक्यो टॉपिक्स में 0.34% की बढ़त देखी गई। वहीं, निफ्टी 24,546.50 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 6 अंक ऊपर था, यह संकेत देता है कि भारतीय बाजारों में स्थिरता बनी रह सकती है।
अमेरिकी बाजारों का हाल: गिरावट का दौर जारी
वॉल स्ट्रीट के मुख्य सूचकांकों में मंगलवार, 11 अगस्त को गिरावट का सिलसिला जारी रहा। डॉऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज अपने intraday शिखर से 430 से अधिक अंक नीचे आ गया, और अंत में 180 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट ने भी अपने शुरुआती लाभों को गंवाते हुए, क्रमशः 0.3% और 0.6% की गिरावट दर्ज की। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (सीपीआई) डेटा का जारी होना था, जिसे फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के संकेतक के रूप में देखा जा रहा है। अगर जुलाई का सीपीआई आंकड़ा बाजार को संकेत देता है कि मुद्रास्फीति अभी भी उच्च स्तर पर है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बनी रह सकती है।
तेल और सोने की कीमतें: स्थिरता की ओर
तेल की कीमतों में बुधवार को मामूली बढ़ोतरी देखी गई। ब्रेंट क्रूड वायदा 72 सेंट या 0.81% की बढ़ोतरी के साथ 89.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 71 सेंट या 0.85% की बढ़त के साथ 83.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। ईरान-यूएस विवाद और मध्य पूर्व में तनाव का असर तेल की कीमतों पर देखा जा रहा है।
वहीं, सोने के भाव स्थिर रहे। शुरुआती कारोबार में सोने का भाव लगभग 4,370 डॉलर प्रति औंस था, जो 0.5% की गिरावट के साथ बंद हुआ। हाजिर सोना 0.1% गिरकर 4,367.56 डॉलर प्रति औंस पर था, जबकि चांदी की कीमतें 0.1% बढ़कर 64.72 डॉलर प्रति औंस पहुंच गईं। सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति की आशंकाओं के बीच स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।
कंपनियों के तिमाही नतीजे: बाजार की दिशा तय करेंगे
आज भारतीय बाजार में 470 से अधिक कंपनियों के तिमाही नतीजे आएंगे, जिनमें प्रमुख नाम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस, जीएमआर एयरपोर्ट्स, आईआरसीटीसी और इरकॉन इंटरनेशनल शामिल हैं। इन कंपनियों के परिणामों का बाजार पर असर देखने को मिलेगा। यदि कंपनियों के नतीजे उम्मीदों से बेहतर आते हैं, तो बाजार में मजबूती देखने को मिल सकती है, वहीं कमजोर नतीजे बाजार में गिरावट का कारण बन सकते हैं।
आगामी आर्थिक संकेतक और मोर्चे पर स्थिति
बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी सीपीआई डेटा पर बाजार की निगाहें टिकी हैं। यह आंकड़ा मुद्रास्फीति के स्तर को दिखाएगा, जो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की नीति को निर्धारित करने में मदद करेगा। यदि मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर बनी रहती है, तो ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बनी रहेगी, जिससे बाजार पर दबाव आ सकता है।
मध्य पूर्व में ईरान-यूएस के बीच तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष भी बाजार की अस्थिरता को बढ़ा रहे हैं। होर्मुज और बाब अल-मंडेब जैसे रणनीतिक जलपथ क्षेत्रों में शिपिंग पर हो रहे हमले, तेल की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को चुनौती दे रहे हैं।


























