अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फ्लाईदुबई विमान पर कथित हमले के आरोपी सह-पायलट के ईरान से संबंध होने की आशंका की जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले में तेहरान की भूमिका सामने आई, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। विमान में भारतीय पायलट स्मित मच्छार भी सवार थे, जिन पर कथित तौर पर सह-पायलट ने हमला किया था।
फ्लाईदुबई विमान में भारतीय पायलट पर हुए कथित हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की संभावित भूमिका का संकेत दिया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सह-पायलट और तेहरान के बीच किसी संबंध के ठोस सबूत मिले हैं या नहीं। ट्रंप के मुताबिक, इस मामले की जांच अभी जारी है।
व्हाइट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें विमान के सह-पायलट और ईरान के बीच किसी संपर्क या संबंध की जानकारी मिली है। इस पर उन्होंने कहा कि अधिकारी मामले की पड़ताल कर रहे हैं। ट्रंप ने आगे कहा, “मैं जो सुन रहा हूं, उसके आधार पर जवाब हां है, लेकिन हम इस पर अभी काम कर रहे हैं।” उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की।
ईरान की भूमिका सामने आई तो क्या करेगा अमेरिका?
पत्रकारों ने ट्रंप से यह भी पूछा कि अगर जांच में हमले के पीछे ईरान का हाथ पाया जाता है, तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ जवाबी कदम उठाएगा। ट्रंप ने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान पर “बहुत कड़ी कार्रवाई” की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित पक्षों को पता है कि क्या हुआ है।
फिलहाल, ट्रंप के बयान को जांच का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद कहा है कि मामले की जांच जारी है और उन्होंने संभावित ईरानी संबंध के बारे में कोई विस्तृत प्रमाण पेश नहीं किया। इसलिए हमले के मकसद और आरोपी के किसी संगठन या देश से संबंध को लेकर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
संदिग्ध सह-पायलट ओमान का नागरिक
जांच से परिचित एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, संदिग्ध सह-पायलट ओमान का नागरिक है और हिरासत में है। अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब के जांचकर्ता कई देशों के साथ मिलकर हमले की वजह का पता लगा रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और ओमान भी जांच में शामिल हैं। एक अधिकारी के अनुसार, इजरायली खुफिया और सुरक्षा अधिकारी भी सऊदी अरब में सह-पायलट से पूछताछ की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
जांच एजेंसियां फिलहाल किसी एक मकसद पर नहीं पहुंची हैं। एक क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि आतंकवाद से लेकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी संभावना तक, अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अभी किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है। अधिकारियों ने गोपनीयता की शर्त पर जानकारी दी है, इसलिए संदिग्ध की पहचान और जांच के कई विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
यात्रियों ने सह-पायलट को कैसे काबू किया?
घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों ने सह-पायलट को काबू करने में मदद की। विमान में सवार दंत चिकित्सक शोटा मुसायेव ने घटना का वीडियो बनाया था। वीडियो में सह-पायलट घुटनों के बल बैठा दिखाई देता है और उसके हाथ पीछे की ओर बंधे हैं। उसका नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात से तेल अवीव जा रहे विमान में 174 यात्री सवार थे। कुछ इजरायली यात्रियों ने बताया कि भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार खून से लथपथ हालत में कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बाहर आए। इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में प्रवेश किया और सह-पायलट से हाथापाई कर उसे काबू किया। उन्होंने विमान को स्थिर रखने में भी मदद की।
बताया गया है कि विमान तेजी से नीचे आया था और इस दौरान उसका रडर क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया। इस घटना में भारतीय पायलट स्मित मच्छार की भूमिका और उनकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं। घटना के बाद उनके कथित बयान पर अलग से रिपोर्ट सामने आई है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगा हमले का मकसद
फ्लाईदुबई विमान पर कथित हमले की जांच में कई देशों की एजेंसियां शामिल हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सह-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश क्यों की और क्या उसका किसी बाहरी व्यक्ति, संगठन या देश से संपर्क था। फिलहाल ईरान से संबंध का दावा जांच के दायरे में है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
























