Indian Smartphone Market: जब पूरा भारतीय स्मार्टफोन बाजार पिछले छह साल की सबसे बुरी तिमाही से गुजर रहा था, तब तकनीकी दिग्गज ऐपल (Apple) ने यहां अपनी बादशाहत कायम रखी। कंपनी के सीईओ टिम कुक (Tim Cook) के नेतृत्व में Apple ने मार्च तिमाही में भारत समेत अन्य उभरते बाजारों में iPhone, iPad और Mac की बिक्री में ‘डबल-डिजिट’ (दो अंकों) की शानदार ग्रोथ दर्ज की है।
मंदी की बातों को पीछे छोड़ Apple ने दौड़ाई तेज रफ्तार
भारत का स्मार्टफोन बाजार बढ़ती लागत और आसमान छूती कीमतों के कारण इस दौरान सिकुड़ा है। मार्च तिमाही में देश में मोबाइल शिपमेंट में 3 से 5 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, बाजार की इस रफ्तार पर ऐपल ने ब्रेक लगाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और बेहतरीन ग्रोथ हासिल की।
iPhone 17 सीरीज बनी ‘गेम चेंजर’
कंपनी की इस अभूतपूर्व ग्रोथ में iPhone 17 सीरीज की अहम भूमिका रही। रिपोर्ट्स की मानें तो मार्च तिमाही में ऐपल की कुल शिपमेंट का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ इसी सीरीज का था। ये आंकड़े साफ तौर पर इंशाफ कराते हैं कि भारतीय बाजार में प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में ऐपल की मांग पहले की तरह ही बरकरार है।
वॉल्यूम से ज्यादा अहमियत ‘वैल्यू’ की, ऐपल टॉप पर
काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) के ताजा आंकड़े कुछ और ही बयान कर रहे हैं। हालांकि कुल यूनिट्स (वॉल्यूम) के हिसाब से ऐपल की बाजार हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत रही, लेकिन ‘वैल्यू शेयर’ (कुल राजस्व) के लिहाज से कंपनी 25 प्रतिशत से ज्यादा की हिस्सेदारी के साथ भारत में नंबर-1 पर काबिज है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐपल का मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और बेहतरीन सेल्स नेटवर्क इस सफलता का राज है।
सिर्फ iPhone नहीं, पूरे ‘इकोसिस्टम’ ने दिखाया दमखम
ऐपल का जादू सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहा। कंपनी के Mac और iPad की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। ऐपल के प्रोडक्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में नए यूजर्स सीधे ऐपल के इकोसिस्टम से जुड़ रहे हैं।

टिम कुक ने भारत को बताया ‘सुनहरा अवसर’
ऐपल के सीईओ टिम कुक काफी उत्साहित हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत में तेजी से बढ़ती मध्यम वर्ग (मिडिल क्लास) की आबादी उनके लिए एक बड़ा मौका है। सबसे अहम बात यह है कि भारत में ऐपल के ज्यादातर ग्राहक पहली बार कोई ऐपल प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, जो भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की गारंटी बन रहे हैं।
रास्ते में आड़े आई ‘लागत’ की चुनौती
हालांकि, सब कुछ इतना आसान नहीं है। कंपनी के सामने मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं। ऐपल ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में लागत में और इजाफा हो सकता है, जिसका सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ सकता है।























