Amazon-Flipkart-JioMart पर जुर्माना, जानिए पूरा मामला

CCPA ने साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की ऑनलाइन बिक्री और विज्ञापन के मामले में Amazon, Flipkart और JioMart पर जुर्माना लगाया है। जानिए कार्रवाई की वजह और कंपनियों को दिए गए निर्देश।

हर्बीसाइड बेचने पर Amazon और Flipkart को झटका

HIGHLIGHTS

  • तीनों ई-कॉमर्स दिग्गजों पर CCPA की बड़ी कार्रवाई
  • JioMart समेत तीन प्लेटफॉर्म पर लाखों का जुर्माना
  • साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड मामले में कंपनियों पर सख्ती
  • Amazon पर बिके 43 हजार यूनिट, CCPA ने पकड़ा

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कृषि-रसायन खरीदने वालों के लिए एक अहम खबर है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Amazon, Flipkart और JioMart के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर कुल 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की ऑनलाइन लिस्टिंग, बिक्री और विज्ञापन से जुड़ा है। प्राधिकरण के अनुसार, उत्पाद की लिस्टिंग में जरूरी जानकारी नहीं दी गई थी और उसके पंजीकरण को लेकर भी सवाल उठे।

CCPA ने Amazon और Flipkart पर 10-10 लाख रुपये, जबकि JioMart पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, तीनों प्लेटफॉर्म को संबंधित उत्पाद की बिक्री और विज्ञापन तत्काल रोकने तथा अपने प्लेटफॉर्म का स्व-ऑडिट करने का निर्देश दिया गया है।

किस बात पर हुई कार्रवाई?

CCPA के मुताबिक, तीनों ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की बिक्री हो रही थी। लेकिन उत्पाद की ऑनलाइन लिस्टिंग में उसके सक्रिय रासायनिक तत्व और सामग्री (ingredients) से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। कृषि-रसायनों के मामले में यह जानकारी खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे उन्हें उत्पाद की पहचान, उपयोग और संभावित जोखिम समझने में मदद मिलती है।

जांच के दौरान कृषि मंत्रालय ने CCPA को बताया कि साइक्लोसिनोन नाम का रसायन कीटनाशक अधिनियम, 1968 की अनुसूची में शामिल नहीं है। इसके बाद उत्पाद की बिक्री और मार्केटिंग की वैधता, पंजीकरण तथा आवश्यक मंजूरियों को लेकर सवाल खड़े हुए। प्राधिकरण की कार्रवाई का केंद्र यही था कि कृषि-रसायन की ऑनलाइन बिक्री के दौरान लागू नियमों और उपभोक्ता-सुरक्षा से जुड़ी जानकारी का पालन किया गया या नहीं।

किस कंपनी पर कितना जुर्माना?

CCPA के आदेशों के अनुसार जुर्माने की राशि इस प्रकार है:

  • Amazon: 10 लाख रुपये
  • Flipkart: 10 लाख रुपये
  • JioMart: 5 लाख रुपये

आदेश रिकॉर्ड के मुताबिक Amazon के खिलाफ आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी किया गया था। Flipkart और JioMart के मामले में आदेश 22 सितंबर 2026 को दिए गए।

शिकायत कहां से शुरू हुई?

इस मामले की शुरुआत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की शिकायत से हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंत्रालय को यह शिकायत क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से मिली थी। शिकायत के बाद कृषि-रसायनों की ऑनलाइन बिक्री और संबंधित उत्पाद की लिस्टिंग की जांच की गई।

जांच में यह बात सामने आई कि कीटनाशक और खरपतवारनाशक जैसे कृषि-रसायनों की बिक्री और इस्तेमाल पर नियम लागू होते हैं। इन उत्पादों को बेचते समय जरूरी पंजीकरण, मंजूरी और उपभोक्ता को सही जानकारी देना अहम है। CCPA के अनुसार, साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की लिस्टिंग में आवश्यक विवरणों की कमी थी। ऐसे में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पाद की उपलब्धता और उसके प्रचार को लेकर जवाबदेही तय करने का सवाल उठा।

Amazon पर हजारों ऑर्डर और लाखों की बिक्री

CCPA के आदेश में Amazon पर हुई बिक्री का भी उल्लेख है। आदेश के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड के 38,410 ऑर्डर किए गए और कुल 43,634 यूनिट बेची गईं। इनकी कुल बिक्री कीमत करीब 96.42 लाख रुपये बताई गई है।

ये आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कृषि-रसायनों की लिस्टिंग का असर बड़ी संख्या में खरीदारों तक पहुंच सकता है। इसलिए उत्पाद की पहचान, सामग्री और नियामकीय स्थिति की जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध आदेश-संबंधी जानकारी में यहां Amazon की बिक्री के आंकड़े दिए गए हैं; इन्हें अन्य प्लेटफॉर्म की बिक्री के आंकड़ों के रूप में नहीं समझना चाहिए।

कंपनियों को क्या निर्देश दिए गए?

CCPA ने Amazon, Flipkart और JioMart को साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की बिक्री और विज्ञापन तुरंत बंद करने को कहा है। इसके अतिरिक्त, तीनों कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म का **स्व-ऑडिट** करना होगा। इस प्रक्रिया के तहत उन्हें ऐसे उत्पादों की पहचान करनी है जो लागू कानूनों का उल्लंघन कर सकते हैं या उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

प्राधिकरण ने कंपनियों को आदेश के 15 दिनों के भीतर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने का निर्देश भी दिया है। इसका उद्देश्य सिर्फ एक उत्पाद की लिस्टिंग की जांच तक सीमित नहीं है। स्व-ऑडिट के जरिए यह भी देखा जाएगा कि प्लेटफॉर्म पर दूसरे कृषि-रसायनों की बिक्री के दौरान जरूरी नियम और जानकारी संबंधी शर्तें पूरी हो रही हैं या नहीं।

ऑनलाइन कृषि-रसायन खरीदते समय क्या देखें?

यह मामला ऑनलाइन खरीदारों के लिए भी एक उपयोगी याद दिलाता है। कृषि-रसायन खरीदने से पहले उत्पाद का नाम, सक्रिय तत्व, सामग्री, उपयोग संबंधी निर्देश और उपलब्ध नियामकीय जानकारी ध्यान से जांचें। अगर लिस्टिंग में जरूरी विवरण स्पष्ट न हों, तो खरीदारी से पहले विक्रेता या प्लेटफॉर्म से जानकारी लेना बेहतर है। किसी उत्पाद की ऑनलाइन उपलब्धता अपने-आप में यह साबित नहीं करती कि वह हर उपयोग के लिए उपयुक्त या नियामकीय रूप से स्वीकृत है।

Amazon, Flipkart और JioMart पर लगाया गया जुर्माना तथा बिक्री रोकने का निर्देश इस बात को रेखांकित करता है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उत्पादों की जानकारी और बिक्री से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है। अब कंपनियों की स्व-ऑडिट रिपोर्ट से पता चलेगा कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसे उत्पादों की पहचान और निगरानी के लिए क्या कदम उठाती हैं।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now