बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आमिर खान को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह के नाम से सोशल मीडिया पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। इस खतरनाक पोस्ट के सामने आते ही मुंबई पुलिस का पूरा तंत्र अलर्ट मोड में आ गया है। खासकर मुंबई क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए एक व्यापक जांच अभियान को तेज कर दिया है।
सोशल मीडिया पर कैसे दी गई धमकी?
पूरे मामले की शुरुआत फेसबुक पर वायरल हुए एक पोस्ट से हुई। इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दावा करते हुए आमिर खान को निशाना बनाया गया है। पोस्ट में लगाए गए आरोपों की मानें तो अभिनेता पर ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देने और सनातन धर्म तथा भारतीय संस्कृति के विरोध में कथित गतिविधियों में सक्रिय होने का आरोप लगाया गया है। इस टेक्स्ट पोस्ट के साथ एक ऑडियो क्लिप भी अटैच की गई है, जिसमें कथित तौर पर धमकी दी गई है। हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में यह साफ है कि इस पोस्ट और ऑडियो क्लिप की असलियत और प्रामाणिकता की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए मुंबई पुलिस ने कोई कोताही नहीं बरती। क्राइम ब्रांच, बांद्रा पुलिस स्टेशन की टीम, साइबर सेल और क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) को तुरंत इस केस में तैनात किया गया। पुलिस की तकनीकी टीमें इस समय डिजिटल सर्विलांस में जुटी हुई हैं। उनका मुख्य उद्देश्य उस फेसबुक अकाउंट का आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालना है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर यह भड़काऊ पोस्ट किस स्थान और किस डिवाइस से अपलोड की गई। साइबर एक्सपर्ट्स ऑडियो क्लिप की वॉइस सैंपलिंग भी कर रहे हैं, ताकि यह जांचा जा सके कि कहीं यह आवाज़ कृत्रिम तौर पर तैयार तो नहीं की गई है (डीपफेक चेक)।
आमिर खान के बांद्रा बंगले पर पुलिस का जायजा
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का एक दल सीधे आमिर खान के बांद्रा स्थित निजी आवास पर पहुंचा। यहां पुलिस अधिकारियों ने मौजूदा सुरक्षा गार्डों और बंगले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को बारीकी से नपा-तौला। अधिकारियों ने अभिनेता की प्राइवेट सिक्योरिटी टीम को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध व्यक्ति या छोटी से छोटी गतिविधि पर पैनी नज़र बनाए रखें। सुरक्षा घेरे को और चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक बड़ी राहत की बात यह है कि अब तक की जांच में यह सामने नहीं आया है कि आमिर खान या उनके मैनेजमेंट टीम के किसी सदस्य को किसी नंबर से सीधा फोन कॉल करके रुपये की मांग या जान से मारने की धमकी दी गई हो। यह पूरा मामला अभी सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित है, लेकिन पुलिस इसे नजरअंदाज करने का मूड में बिल्कुल नहीं है।
क्या है असली मकसद? गैंग के पैटर्न पर नजर
मुंबई पुलिस का खुफिया तंत्र इस मामले को कई अलग-अलग एंगल से खंगाल रहा है। एक ओर जहां लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ट्रैक रिकॉर्ड देखा जाए तो पिछले कुछ समय में इस गैंग ने कई बड़ी बॉलीवुड हस्तियों और राजनेताओं को निशाना बनाया है, ऐसे में इस धमकी को हल्के में लेना खुद को खतरे में डालने जैसा है।
दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण एंगल यह है कि कहीं यह पोस्ट किसी शरारती तत्व या फर्जी अकाउंट चलाने वाले व्यक्ति ने तो नहीं डाली है? पुलिस को शक है कि कोई व्यक्ति सिर्फ सनसनी फैलाने, दहशत पैदा करने या फिर दो अलग-अलग समुदायों के बीच जहरीला वैमनस्य पैदा करने के मकसद से बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल कर रहा हो सकता है। सोशल मीडिया पर ऐसे प्रोपोगेंडा का खेल बहुत तेजी से फैलता है, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने साफ कर दिया है कि जैसे ही साइबर फॉरेंसिक लैब से टेक्निकल रिपोर्ट आएगी, मामले की असली परतें खुलेंगी। अगर पोस्ट के पीछे कोई अपराधी तत्व निकलता है, तो उसे चंद घंटों के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, अगर यह किसी विदेशी या प्रॉक्सी सर्वर से चलाया गया षड्यंत्र निकला, तो उसे भी नेस्टेड तकनीक से ट्रैक किया जाएगा।

























