UP News: उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल गरमाते ही विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने अपनी पहली जनसभा में प्रदेश की कानून व्यवस्था, विकास कार्यों और सरकारी खर्चों को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस के नाम पर गुंडो का राज है और सरकार का असल चेहरा जनता के सामने उजागर हो रहा है। आइए, इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि आकाश आनंद ने किन मुद्दों को उठाया और यूपी सरकार पर क्या आरोप लगाए।
कानून व्यवस्था का बुरा हाल
आकाश आनंद ने अपने भाषण की शुरुआत में ही यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस की आड़ में गुंडे और माफिया का कब्जा है। सरकार की ओर से बार-बार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का तमगा देने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन हकीकत में प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला है। हाथरस जिले के सादाबाद में अपनी पहली जनसभा में उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में यूपी में सबसे ज्यादा हत्याएं रिपोर्ट हुई हैं। योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में हत्या के मामलों की संख्या देश में सबसे अधिक रही, लेकिन सरकार ने इनका कोई समाधान नहीं निकाला।
विज्ञापन पर खर्च का बड़ा मुद्दा
आकाश आनंद ने योगी सरकार में विज्ञापन पर होने वाले खर्च को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में टैक्स के पैसे से सरकार ने विज्ञापन पर लगभग 7000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह रकम न तो युवाओं को रोजगार देने, न ही शिक्षा सुधारने और न ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में प्रयोग हुई। इसके बजाय, सरकार अपने प्रचार-प्रसार में ही इतना पैसा खपा रही है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानना जरूरी है कि सरकार ने अपने फर्जी वादों और प्रचार के नाम पर कितनी रकम खर्च की है और इनसे उन्हें क्या मिला।
विकास के नाम पर कलंक
आकाश आनंद ने यूपी के विकास के दावों को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन हकीकत में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश का बुरा हाल है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि इसे बनाने में ही करोड़ों रुपये डूब गए। इस एक्सप्रेसवे में 18 दिनों के अंदर ही 84 से ज्यादा जगहों पर धंस गया। कंपनी का रिश्ता भाजपा सांसद के भाई से होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की बू इस परियोजना से भी आ रही है।
शिक्षा और बेरोजगारी का भयावह सच
आकाश आनंद ने सरकारी स्कूलों और परीक्षाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूपी में सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है। लाखों शिक्षक पद खाली पड़े हैं, और परीक्षाएं पेपर लीक होने की घटनाएं आम हो गई हैं। यदि इन सरकारी संस्थानों में सही तरीके से निवेश किया जाता, तो युवाओं को रोजगार मिल सकता था। लेकिन सरकार ने इन्हें नजरअंदाज कर अपने प्रचार में ही पैसा लगाया।
जनसभा में आकाश आनंद ने जनता से सवाल किया कि क्या प्रदेश में कानून का राज है या फिर पुलिस की आड़ में गुंडों का राज। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसी सरकार को फिर से मौका देना चाहिए, जो सिर्फ अफ़वाहें और झूठे वादे ही कर सकती है। उन्होंने कहा कि अब जनता को चाहिए कि वे पिछले 10 साल का हिसाब मांगे और सही बदलाव के लिए मतदान करें।

























