Noida News: आज के भागदौड़ भरे जीवन में व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य को सामने रखते हुए सी-ब्लॉक पार्क, सेक्टर-51, नोएडा में भारतीय योग संस्थान द्वारा आयोजित 5 दिवसीय निःशुल्क मोटापा रोग निवारण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह शिविर केवल योगाभ्यास तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक जागरूकता अभियान था, जिसने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली जीने का प्रेरणास्पद संदेश दिया। शिविर में 70 से अधिक साधकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पांच दिनों तक चले इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी से अपना उत्साह दर्शाया।
कार्यक्रम विशेष सार्वजनिक महत्व
समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में सेक्टर-51 आरडब्ल्यूए के सचिव संजीव कुमार उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक विशेष सार्वजनिक महत्व दिया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में भारतीय योग संस्थान की दिल्ली प्रांत-2 की संगठन मंत्री भूपेन्द्र कौर तथा नोएडा जिला-3 के जिला मंत्री सरबजीत सिंह ने शिरकत की। शिविर के सफल आयोजन में नोएडा जिला-1 के प्रधान हीरा सिंह बिष्ट और नोएडा जिला-1 की जोनल मंत्री हेमा नकरा के मार्गदर्शन एवं कुशल देखरेख की भूमिका सराहनीय रही। उनके नेतृत्व में पूरी टीम ने मिलकर शिविर को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
शिविर की सफलता में भारतीय योग संस्थान के अनुभवी जिला अधिकारियों अभिषेक कुमार, संजय शर्मा एवं रमण द्विवेदी की विशेष सहभागिता रही। इन सभी पदाधिकारियों ने न केवल योगाभ्यास कराया, बल्कि साधकों का मनोबल भी बढ़ाया। उन्होंने साधकों को योग को केवल एक व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से ही हम शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ हो सकते हैं।
मोटापा रोग जैसी गंभीर समस्या पर विस्तृत चर्चा
इस पांच दिवसीय शिविर के दौरान मोटापा रोग जैसी गंभीर समस्या पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में असंतुलित खान-पान, अनियमित दिनचर्या तथा आधुनिक निष्क्रिय जीवनशैली मोटापे के प्रमुख कारण बन चुके हैं। शिविर में मोटापे के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया और बताया गया कि कैसे यह मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी अन्य गंभीर बीमारियों को न्योता देता है। विशेषज्ञों ने स्वस्थ और संतुलित भोजन, नियमित योगाभ्यास एवं अनुशासित दिनचर्या अपनाने पर विशेष बल दिया। योग के साथ-साथ आहार विज्ञान पर भी चर्चा की गई, ताकि साधक अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव ला सकें।
मुख्य अतिथि संजीव कुमार ने अपने संबोधन में क्षेत्रवासियों से अनुरोध किया कि वे मोटापा रोग के प्रति जागरूक रहें और इसे एक गंभीर बीमारी के रूप में लें। उन्होंने सभी को नियमित योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है और इसे बनाए रखने के लिए योग सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है। इसके अलावा भूपेन्द्र कौर ने साधकों को व्यावहारिक ज्ञान देते हुए विभिन्न उपयोगी योगासनों एवं शवासन का सुंदर और सरल अभ्यास कराया, जिसे साधकों ने बहुत रुचि के साथ सीखा।
प्रधान हीरा सिंह बिष्ट द्वारा वार्ता प्रस्तुत की
प्रधान हीरा सिंह बिष्ट द्वारा ध्यान और निष्काम कर्म के महत्व पर एक सुव्यवस्थित वार्ता प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि केवल शारीरिक कसरत ही मोटापा कम करने का एकमात्र तरीका नहीं है, बल्कि मन की शांति और निष्काम कर्म का भाव भी शरीर के चयापचय को ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनकी यह बात साधकों के लिए बहुत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुई।
शिविर के दौरान एक भावनात्मक और सांस्कृतिक क्षण भी देखने को मिला, जब इस अवसर पर भूपेन्द्र कौर एवं सरबजीत सिंह (जो प्रसिद्ध पंजाबी गायक हनी सिंह के पिता/परिजन हैं) का जन्मदिन भी मनाया गया। भारतीय योग संस्थान की परंपरा के अनुसार, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका जन्मदिन बड़ी ही धूमधाम से और पवित्रता के साथ धूमधाम से मनाया गया। उपस्थित सभी साधकों, पदाधिकारियों और अतिथियों ने दोनों पदाधिकारियों को जन्मदिवस की गर्मजोशी से शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। यह दृश्य सभी को एक परिवार का एहसास कराता था।
शिविर का समापन एक उत्साहपूर्ण और ऊर्जावान वातावरण में हुआ। सभी साधकों के चेहरों पर संतोष और आत्मविश्वास स्पष्ट देखा जा सकता था। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम एक घंटा योगाभ्यास करने तथा स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीने का संकल्प लिया। साधकों ने बताया कि इन पांच दिनों में उन्हें योग के गहरे ज्ञान और इसके व्यावहारिक फायदों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम की सफलता पर उपस्थित सभी लोगों ने भारतीय योग संस्थान के इस जनहितकारी प्रयास की भरपूर सराहना की। यह शिविर न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी एक कदम आगे बढ़ने जैसा था।























