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2019 वर्ल्ड कप स्टार विजय शंकर ने क्रिकेट करियर को लेकर किया बड़ा ऐलान

Cricket Vijay Shankar News: विजय शंकर ने अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक भावनात्मक संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, "मैंने नए अवसरों की तलाश करने और ज्यादा क्रिकेट खेलने के लिए घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का फैसला किया है।"

विजय शंकर ने लिया बड़ा फैसला, भारतीय क्रिकेट को कहा अलविदा

HIGHLIGHTS

  • टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर विजय शंकर ने अचानक लिया संन्यास
  • IPL और घरेलू क्रिकेट से विजय शंकर का संन्यास, फैंस हुए भावुक
  • अब भारत में नहीं खेलेंगे विजय शंकर, विदेशी लीग्स पर रहेगा फोकस
  • विजय शंकर का भावुक रिटायरमेंट लेटर आया सामने
  • भारतीय क्रिकेट को बड़ा झटका, विजय शंकर ने छोड़ा घरेलू क्रिकेट

Cricket Vijay Shankar News: भारतीय क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया है। टीम इंडिया के दिग्गज ऑलराउंडर और तमिलनाडु के लोकप्रिय क्रिकेटर विजय शंकर ने शुक्रवार (22 मई) को एक ऐसा फैसला लिया है, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। हालांकि, यह संन्यास पूरी तरह से क्रिकेट को अलविदा कहने जैसा नहीं है, बल्कि यह एक नई शुरुआत है।

विजय शंकर के इस फैसले ने सभी को चौंका दिया है क्योंकि उन्होंने क्रिकेट खेलना तो नहीं छोड़ा है, लेकिन वह अब भारत में क्रिकेट नहीं खेलेंगे। उन्होंने अपने रिटायरमेंट लेटर में इस बात का खुलासा किया है कि वह घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसे बड़े टूर्नामेंट्स से संन्यास ले रहे हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपको विजय शंकर को भारतीय पिचों पर खेलते हुए नहीं देखने को मिलेगा।

रिटायरमेंट लेटर में क्या लिखा?

विजय शंकर ने अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक भावनात्मक संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, “मैंने नए अवसरों की तलाश करने और ज्यादा क्रिकेट खेलने के लिए घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का फैसला किया है।” यह साफ है कि विजय अब अपना फोकस विदेशी लीग्स पर करना चाहते हैं। क्रिकेटर्स के लिए दुनिया भर में होने वाली विभिन्न टी20 लीग्स एक बड़ा आकर्षण होती हैं, और विजय भी अब वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के मूड में नजर आ रहे हैं।

अपने संदेश में उन्होंने आगे कहा, “जो काम मुझे सबसे ज्यादा पसंद है, उसे करने का मौका देने के लिए सिर्फ धन्यवाद कहना काफी नहीं होगा। मैं हमेशा आभारी भी रहूंगा।” यह शब्द उनके जज्बे को दर्शाते हैं कि वह अभी खत्म नहीं हुए हैं और उनके पास खेलने को बहुत कुछ बाकी है।

अंतरराष्ट्रीय करियर: छोटा पर यादगार सफर

विजय शंकर का अंतरराष्ट्रीय करियर शायद उतना लंबा नहीं चला जितना उनके फैंस चाहते थे, लेकिन उन्होंने जो मौके मिले, उनका भरपूर लाभ उठाने की कोशिश की। उन्होंने भारत के लिए कुल 12 वनडे और 9 टी20 मैच खेले। इस छोटे से पड़ाव में उन्होंने बल्ले से 324 रन बनाए और गेंद से 9 विकेट झटके।

उनके करियर का सबसे यादगार पल वर्ष 2019 था, जब उन्हें इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप की टीम में शामिल किया गया था। उस समय यह चयन काफी सुर्खियों में रहा था। तत्कालीन मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने अनुभवी बल्लेबाज अंबाती रायडू पर विजय शंकर को तरजीह दी थी। इस फैसले पर काफी बहस हुई थी, लेकिन चयनकर्ताओं ने विजय में भरोसा जताया। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। विजय चोटिल हो गए और वह पूरा टूर्नामेंट नहीं खेल सके। उनकी जगह मयंक अग्रवाल को टीम में बुलाया गया था। इसके बावजूद, विजय अपने विश्व कप अनुभव को हमेशा याद रखेंगे।

नागपुर और विश्व कप के यादगार पल

अपने रिटायरमेंट लेटर में विजय ने अपने कुछ खास पलों को याद किया। उन्होंने कहा, “देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान रहा। नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच का आखिरी ओवर फेंकना, और 2019 विश्व कप में मेरी पहली गेंद पर मिला पहला विकेट, ये ऐसे पल हैं जिन्हें मैं हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा।” यह शब्द उनके दिल की गहराइयों से निकले लगते हैं और दिखाते हैं कि भले ही करियर छोटा रहा हो, लेकिन अनुभव अमूल्य था।

IPL: चेन्नई से गुजरात तक का सफर

विजय शंकर का IPL करियर काफी रंगीन रहा है। उन्होंने लीग में कुल 78 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 1233 रन और 9 विकेट लिए। वह आईपीएल में चार बड़ी फ्रेंचाइजी टीमों- चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटन्स का हिस्सा रहे।

उनके आईपीएल करियर का सबसे बड़ा हाईलाइट वर्ष 2022 में गुजरात टाइटन्स के साथ खिताब जीतना रहा। गुजरात की पहली ही आईपीएल जीत में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। लेकिन, हाल के दिनों में चीजें बदल गईं। IPL 2026 के लिए हुई नीलामी (Auction) में किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें नहीं खरीदा। शायद यही वह मोड़ था जिसने उन्हें सोचने पर मजबूर किया और उन्होंने भारत में क्रिकेट खेलना छोड़ने का फैसला किया।

घरेलू क्रिकेट में रही दबदबा

विजय शंकर का प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में हमेशा शानदार रहा है। उन्होंने तमिलनाडु की टीम की कप्तानी करते हुए अपनी टीम को कई बड़ी ट्रॉफी जिताईं। उनकी अगुवाई में तमिलनाडु ने विजय हजारे ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किए। न सिर्फ तमिलनाडु, बल्कि पिछले सीजन में उन्होंने त्रिपुरा की टीम का भी प्रतिनिधित्व किया और वहां भी अपने अनुभव का लाभ दिया। घरेलू क्रिकेट में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

नफरत और नेगेटिविटी का सामना कर बनाई जगह

अपने रिटायरमेंट संदेश के आखिरी हिस्से में विजय शंकर ने एक बहुत ही मार्मिक बात कही। उन्होंने अपने सपोर्ट स्टाफ और परिवार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्हें अपने करियर में बहुत ज्यादा नफरत और नेगेटिविटी का सामना करना पड़ा।

उन्होंने लिखा, “मैं इस मौके का फायदा उठाकर आपको बताना चाहता हूं कि मैंने उन बातों को नजरअंदाज करके आगे बढ़ने का फैसला किया। अगर मैं ऐसा कर सकता हूं, तो कोई भी कर सकता है। पॉजिटिव सोचें और कड़ी मेहनत करें।” यह संदेश उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है जो आलोचना और नकारात्मकता के बीच खुद को घेरा हुआ महसूस करते हैं। विजय का कहना है कि क्रिकेट ने उन्हें जिंदगी जीना सिखाया है और क्रिकेट ही उनकी जिंदगी है।

अब सवाल उठता है कि आगे विजय शंकर कहां नजर आएंगे? चूंकि उन्होंने साफ कर दिया है कि वह ज्यादा क्रिकेट खेलना चाहते हैं और नए अवसर तलाश रहे हैं, इसलिए उन्हें जल्द ही किसी विदेशी लीग में देखा जा सकता है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, या फिर अमेरिका की लीग्स में उनकी ऑलराउंड एबिलिटी की काफी मांग हो सकती है। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह निश्चित तौर पर एक भावनात्मक क्षण है, लेकिन विजय के फैंस को उनके नए सफर का इंतजार रहेगा। भारत में शायद वह न खेलें, लेकिन विश्व स्तर पर विजय शंकर का बल्ला और गेंद अभी भी गूंजते रहेंगे।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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